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प्रतिबंधित दवाओं पर कसा शिकंजा — बढ़नी में दवा व्यवसायी के घर प्रशासन की देर रात छापेमारी1 min read

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🔴 बड़ी खबर · बढ़नी, सिद्धार्थनगर

प्रतिबंधित दवाओं पर कसा शिकंजा — बढ़नी में दवा व्यवसायी के घर प्रशासन की देर रात छापेमारी, जांच जारी

आर्य समाज रोड, नगर पंचायत बढ़नी · संयुक्त प्रशासनिक टीम · 31 जुलाई 2026

मादक एवं प्रतिबंधित दवाओं के कथित अवैध डायवर्जन के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में बढ़नी में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। शनिवार देर रात प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने नगर पंचायत बढ़नी के आर्य समाज रोड स्थित एक दवा व्यवसायी के आवास पर छापेमारी की।

देर रात छापेमारी
आर्य समाज रोड स्थित
दवा व्यवसायी के आवास पर
9,900 टैबलेट
नाइट्राजेपाम की
अवैध डायवर्जन जांच में
120 बोतल सिरप
कोडीनयुक्त सिरप
डायवर्जन से जुड़ी

क्या है पूरा मामला?

शनिवार देर रात प्रशासन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने नगर पंचायत बढ़नी के आर्य समाज रोड स्थित एक दवा व्यवसायी के आवास पर छापेमारी की। समाचार लिखे जाने तक तलाशी और जांच की कार्रवाई जारी थी, हालांकि प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी बरामदगी या कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

यह कार्रवाई उस प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें जून माह में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), मुंबई जोनल इकाई ने बढ़नी के लोहिया नगर स्थित थोक दवा फर्म मेसर्स शशी फार्मा पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कोडीनयुक्त प्रतिबंधित दवाएं बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में फर्म के प्रोप्राइटर मनीष कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में मुंबई भेजा गया था।

🚨 पूर्व में सामने आई गड़बड़ियां

❌ फर्म आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने में विफल रही

❌ 9,900 नाइट्राजेपाम टैबलेट के डायवर्जन का संदेह

❌ 120 बोतल कोडीनयुक्त सिरप से जुड़ा मामला

✅ अब तक हुई कार्रवाई

✅ NCB मुंबई की छापेमारी व प्रोप्राइटर की गिरफ्तारी

✅ जिला औषधि निरीक्षक की जांच में गड़बड़ी की पुष्टि

✅ ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भेजी गई

✅ अब दूसरे व्यवसायी के आवास पर देर रात छापेमारी

औषधि विभाग की जांच में क्या सामने आया?

NCB की रिपोर्ट के बाद औषधि विभाग द्वारा की गई जांच में जिला औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पाया कि फर्म आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने में विफल रही। जांच में 9,900 नाइट्राजेपाम टैबलेट तथा 120 बोतल कोडीनयुक्त सिरप के कथित अवैध डायवर्जन का संबंध भी इसी फर्म से जुड़ा पाया गया, जिसके आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत फर्म का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति सहायक आयुक्त (औषधि), बस्ती मंडल को भेज दी गई है।

निष्पक्ष जांच पर जोर

यदि जांच में सामने आए आरोप विधिसम्मत प्रक्रिया में सिद्ध होते हैं, तो यह केवल एक फर्म के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि समाज को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी होगा। वहीं कानून का तकाजा यह भी है कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई के जरिए ही अंतिम निर्णय तक पहुंचा जाए।

📌 मुख्य बात: बढ़नी में मादक व प्रतिबंधित दवाओं के अवैध डायवर्जन की जांच के तहत प्रशासन ने शनिवार देर रात एक दवा व्यवसायी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई जून में NCB मुंबई द्वारा मेसर्स शशी फार्मा पर हुई छापेमारी और प्रोप्राइटर की गिरफ्तारी से जुड़े मामले का ही विस्तार बताई जा रही है, जिसमें फर्म का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति पहले ही भेजी जा चुकी है। जांच अभी जारी है।

स्रोत: local reporter · 31 जुलाई 2026।

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है। छापेमारी में अभी तक कोई आधिकारिक बरामदगी घोषित नहीं हुई है; जांच पूरी होने तक आरोप अपुष्ट माने जाने चाहिए।

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