सिद्धार्थनगर: नकली अंग्रेजी शराब बनाने वालेगिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़1 min read
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सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश): जिले में मिश्रित और नकली अंग्रेजी शराब बनाने व बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। बांसी पुलिस, एसओजी (SOG), सर्विलांस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। जिले के एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई की जानकारी दी।
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि जिले में एक गिरोह असली अंग्रेजी शराब के साथ मिलाकर नकली मिश्रित शराब तैयार कर रहा है और इसे ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेच रहा है। इसके बाद संयुक्त टीम का गठन किया गया और छापेमारी की गई।
🚨 कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। वे असली अंग्रेजी शराब को सस्ते रसायनों और अन्य मिलावटी पदार्थों के साथ मिलाकर नकली मिश्रित शराब तैयार करते थे। इसके बाद इसे मार्केट में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेचा जाता था।
असली शराब + मिलावट
असली अंग्रेजी शराब में सस्ते रसायन मिलाकर नकली शराब तैयार
नकली ब्रांडिंग
नकली ढक्कन, बारकोड और लेबल लगाकर ब्रांडेड शराब बेची जाती थी
मुनाफाखोरी
सस्ती मिलावटी शराब को ब्रांडेड दरों पर बेचकर मोटा मुनाफा
जानलेवा
मिलावटी शराब पीने से सेहत को गंभीर खतरा, कई मौतें हो सकती थीं
👮 संयुक्त टीम की कार्रवाई
इस कार्रवाई में चार विभागों की टीम ने मिलकर काम किया:
- 🚔 बांसी पुलिस — स्थानीय पुलिस टीम ने छापेमारी की अगुवाई की
- 🎯 एसओजी (SOG) — विशेष कार्य बल ने तकनीकी सहायता दी
- 📡 सर्विलांस टीम — गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और लोकेशन ट्रैक किया
- 🍷 आबकारी विभाग — शराब से जुड़े कानूनी पहलुओं और बरामदगी को संभाला
संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और गिरोह के सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ लिया। दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
📦 क्या-क्या बरामद हुआ?
गिरोह के ठिकाने से पुलिस ने भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
| बरामद सामग्री | विवरण |
|---|---|
| 🍾 मिश्रित अंग्रेजी शराब | असली शराब में मिलावट करके तैयार की गई |
| 🔒 नकली ढक्कन (Caps) | ब्रांडेड बोतलों जैसे दिखने वाले नकली ढक्कन |
| 🏷️ नकली बारकोड | ब्रांडेड कंपनियों के नकली बारकोड स्टिकर |
| 🏷️ नकली लेबल | ब्रांडेड शराब जैसे दिखने वाले नकली लेबल |
| ⚗️ मिलावटी रसायन | शराब में मिलाने वाले सस्ते रसायन |
| 🧪 अन्य सामग्री | शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान |
🎙️ SSP डॉ. अभिषेक महाजन ने क्या कहा?
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा था।
“यह गिरोह असली अंग्रेजी शराब में मिलावट करके नकली शराब तैयार करता था। नकली ढक्कन, बारकोड और लेबल लगाकर इसे ब्रांडेड शराब बनाकर बेचा जाता था। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा था।”
— डॉ. अभिषेक महाजन, SSP सिद्धार्थनगर
SSP ने आगे कहा कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे शराब खरीदते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।
⚖️ क्या है कानूनी धाराएं?
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नकली शराब बनाने और बेचने के मामले में सजा काफी कड़ी होती है:
- आबकारी अधिनियम — अवैध शराब बनाने और बेचने पर कड़ी कार्रवाई
- IPC धारा 272 — जानलेवा दवा बेचना (adulteration of food or drink)
- IPC धारा 273 — खाद्य पदार्थ में मिलावट
- IPC धारा 420 — धोखाधड़ी (cheating)
- IPC धारा 467/468/471 — नकली दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना
📍 सिद्धार्थनगर में पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाइयां
सिद्धार्थनगर जिले में यह पहली बार नहीं है जब नकली शराब के गिरोह का भंडाफोड़ हुआ हो। इससे पहले भी कई बार पुलिस ने ऐसी कार्रवाइयां की हैं। जिला नेपाल सीमा से सटा हुआ है, जिसकी वजह से अवैध शराब की तस्करी और नकली शराब का कारोबार यहां आसानी से होता रहा है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने आबकारी नीति में सख्ती बढ़ाई है और नकली शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत ही सिद्धार्थनगर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
🩺 नकली शराब से क्या-क्या खतरे?
नकली और मिलावटी शराब पीने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं:
मेथनॉल जहर
मिलावटी शराब में मेथनॉल हो सकता है, जो आंखों की रोशनी जा सकती है और मौत भी हो सकती है
लिवर डैमेज
नकली शराब से लिवर पर गंभीर असर, सिरोसिस और लिवर फेलियर का खतरा
नर्वस सिस्टम
दिमागी नुकसान, बेहोशी, कोमा और स्थायी नुकसान का खतरा
मौत का खतरा
2019 में सहारनपुर-कुशीनगर में नकली शराब से 100+ मौतें हुई थीं
⏳ Timeline: कार्रवाई का क्रम
🕐 कैसे हुई यह कार्रवाई?
पहला कदम
गुप्त सूचना मिली — नकली शराब गिरोह सक्रिय
दूसरा कदम
बांसी पुलिस + SOG + सर्विलांस + आबकारी टीम गठित
तीसरा कदम
छापेमारी — गिरोह के ठिकाने पर दबिश
चौथा कदम
2 अभियुक्त गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामग्री बरामद
अगला कदम
SSP डॉ. अभिषेक महाजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, और गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी
🔮 आगे क्या?
पुलिस ने इस मामले में और गहन जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके मुख्य सरगना के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह गिरोह किन-किन जिलों और राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाए हुए था।
SSP डॉ. अभिषेक महाजन ने कहा कि जिले में नकली शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे शराब खरीदते समय सरकारी दुकानों (theka) से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
📢 सारांश: 10 पॉइंट में समझें
- सिद्धार्थनगर में नकली अंग्रेजी शराब गिरोह का भंडाफोड़
- 4 विभागों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की
- 2 अभियुक्त गिरफ्तार, और की तलाश जारी
- असली शराब में मिलावट करके नकली शराब तैयार की जाती थी
- नकली ढक्कन, बारकोड, लेबल से ब्रांडेड बनाकर बेची जाती थी
- भारी मात्रा में शराब और सामग्री बरामद
- SSP डॉ. अभिषेक महाजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
- नकली शराब से आंखों की रोशनी, लिवर डैमेज और मौत का खतरा
- आबकारी अधिनियम + IPC की कड़ी धाराओं में मुकदमा
- जिले में नकली शराब के खिलाफ अभियान जारी
📢 जनता के लिए सलाह
- शराब हमेशा सरकारी दुकान (theka) से ही खरीदें
- बोतल पर होलोग्राम, बारकोड और MRP की जांच करें
- संदिग्ध बोतल पर सील टूटी हुई हो तो न खरीदें
- असामान्य रूप से सस्ती ब्रांडेड शराब से सावधान रहें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना डायल 112 या नजदीकी थाने पर दें
📰 यह खबर Kapil Vastu Post, सोशल मीडिया स्रोतों और SSP सिद्धार्थनगर की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आधारित है
🕐 अपडेटेड: 6 अगस्त 2026 | ✍️ रिपोर्ट
