बलरामपुर: रहमतपुर पंचायत सचिवालय बंदग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा
बलरामपुर (उत्तर प्रदेश): जिले के रहरा बाजार विकास खंड में स्थित रहमतपुर ग्राम पंचायत का सचिवालय कई दिनों से बंद पड़ा है। इसकी वजह से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज़ बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय में ताला लगा रहता है और कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं होता। जबकि यह कार्यालय गांव के लोगों के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं का मुख्य द्वार है। सचिवालय बंद होने से ग्रामीणों के काम अटक गए हैं।
📸 पंचायत सचिवालय का हाल
रहमतपुर पंचायत सचिवालय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें कार्यालय का मुख्य दरवाज़ा बंद दिख रहा है। दीवारों पर “वेलकम (WELCOME)” और “स्वागतम् (स्वागतम्)” लिखा हुआ है, लेकिन अंदर कोई मौजूद नहीं। कार्यालय के बाहर स्वच्छ भारत मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के पोस्टर लगे हैं, लेकिन उनका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा।
“हम लोग कई दिनों से आ रहे हैं, लेकिन हर बार ताला लगा मिलता है। हमारे राशन कार्ड में नाम जोड़वाना है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।”
— एक स्थानीय ग्रामीण
🚫 किन-किन योजनाओं का लाभ रुका?
पंचायत सचिवालय बंद होने से ग्रामीणों को निम्नलिखित सरकारी योजनाओं और सेवाओं में परेशानी हो रही है:
राशन कार्ड
नए नाम जोड़ना, सुधार, डुप्लीकेट कार्ड — सब अटका
आय / जाति प्रमाण पत्र
आवेदन जमा नहीं हो पा रहे, प्रमाण पत्र नहीं बन रहे
मनरेगा जॉब कार्ड
100 दिन का रोज़गार, मज़दूरी का भुगतान रुका
प्रधानमंत्री आवास योजना
आवास योजना के आवेदन और अनुदान रुके
पेंशन योजनाएं
वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन के आवेदन रुके
जल जीवन मिशन
नल के पानी के कनेक्शन और शिकायतें दर्ज नहीं हो रहीं
🏛️ रहमतपुर पंचायत: जानकारी
उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रहमतपुर ग्राम पंचायत की जानकारी इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जिला | बलरामपुर, उत्तर प्रदेश |
| विकास खंड | रहरा बाजार (Rehera Bazaar) |
| ग्राम पंचायत | रहमतपुर (Rahmatpur) |
| पोस्टल पता | ओवरी दीह (Ovari Deeh), पिन — 271307 |
| ग्राम प्रधान | शाह अहमद (पिछड़ा वर्ग) |
| पंचायत सचिव | असफाकुल्ला अंसारी |
| वार्ड सदस्य | 3 महिला, 7 पुरुष (कुल 10) |
😤 ग्रामीणों की शिकायतें
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार पंचायत सचिवालय गए, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें न तो कोई सूचना मिली और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था बताई गई।
“मेरी माँ की वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन देना था, लेकिन सचिवालय बंद है। अब हमें जिला मुख्यालय जाना पड़ेगा, जो 40 किलोमीटर दूर है। हम गरीब लोग इतना खर्च कैसे उठाएं?”
— रहमतपुर के एक ग्रामीण
कई महिलाओं ने शिकायत की कि मनरेगा में उनका काम रुक गया है और मज़दूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा। कुछ लोगों ने आयुष्मान कार्ड और लाभार्थी सूची में नाम जुड़वाने की बात कही।
🤔 क्यों बंद है सचिवालय?
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पंचायत सचिवालय क्यों बंद है। कुछ लोगों का कहना है कि पंचायत सचिव कई दिनों से गैरहाजिर हैं, जबकि कुछ का मानना है कि प्रशासनिक कारणों से कार्यालय बंद किया गया है।
ग्राम प्रधान शाह अहमद से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका कोई बयान सामने नहीं आया। जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
📢 ग्रामीणों की मांग
- तत्काल सचिवालय खोला जाए और नियमित रूप से कर्मचारी मौजूद रहें
- वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि ज़रूरी काम न रुकें
- जिला प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे
- पंचायत सचिव की गैरहाजिरी का कारण सार्वजनिक किया जाए
- बैकलॉग काम जल्द से जल्द निपटाए जाएं
🏛️ जिले में यह पहली घटना नहीं
बलरामपुर जिले में यह पहला मामला नहीं है जब किसी पंचायत सचिवालय को बंद होने की शिकायत सामने आई हो। पहले भी कई ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी और कार्यालयों के बंद रहने की शिकायतें मिलती रही हैं।
जिले में कुल 9 विकास खंड हैं और 822 ग्राम पंचायतें हैं। रहरा बाजार विकास खंड में 81 ग्राम पंचायतें और 96 गांव आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में पंचायतों को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था में कमी आना स्वाभाविक है, लेकिन इसका खामियाज़ा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
📢 सारांश: 10 पॉइंट में समझें
- बलरामपुर के रहरा बाजार में रहमतपुर पंचायत सचिवालय बंद
- ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा
- राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, मनरेगा जैसे काम रुके
- पंचायत सचिवालय पर ताला लगा, कोई कर्मचारी नहीं
- ग्राम प्रधान: शाह अहमद, सचिव: असफाकुल्ला अंसारी
- 10 वार्ड सदस्य (3 महिला, 7 पुरुष) होने के बावजूद कार्यालय बंद
- ग्रामीणों को 40 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है
- जिले में 822 पंचायतें, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
- ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की
- अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया
🔮 आगे क्या?
ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे और पंचायत सचिवालय को फिर से खोला जाए। साथ ही, यदि सचिव किसी कारणवश गैरहाजिर हैं, तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि ग्रामीणों के काम न रुकें।
उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल पंचायत योजना के तहत कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा की कमी के कारण लोग अभी भी पंचायत सचिवालय पर निर्भर हैं। ऐसे में कार्यालय का बंद होना ग्रामीणों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है।
📰 यह खबर Dainik Bhaskar, Kapil Vastu Post, UP Panchayati Raj Dept और सोशल मीडिया स्रोतों पर आधारित है
🕐 अपडेटेड: 6 अगस्त 2026 | ✍️ रिपोर्ट
