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सिद्धार्थनगर: स्कूल में मिड-डे मील के दौरान हादसागर्म दाल गिरने से 6 बच्चे झुलसे, BSA ने दिए जांच के आदेश1 min read

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🔴 ब्रेकिंग न्यूज़

सिद्धार्थनगर: स्कूल में मिड-डे मील के दौरान हादसा
गर्म दाल गिरने से 6 बच्चे झुलसे, BSA ने दिए जांच के आदेश

नौगढ़ ब्लॉक के पुरानी नौगढ़ कंपोजिट प्राइमरी स्कूल में बड़ा हादसा

📅 6 अगस्त 2026 📍 सिद्धार्थनगर, UP
6
बच्चे झुलसे
8-10
वर्ष की उम्र
🔥
गर्म दाल गिरी
📋
BSA ने जांच के आदेश दिए

सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश): जिले के नौगढ़ ब्लॉक अंतर्गत पुरानी नौगढ़ कंपोजिट प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील (भोजन) वितरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। भोजन लेने पहुंचे छह बच्चे अचानक गर्म दाल का बर्तन गिरने से झुलस गए। इस घटना से स्कूल परिसर में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

❓ कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में खाना बनने के बाद बच्चे किचन में मिड-डे मील (भोजन) लेने पहुंचे थे। इसी दौरान बच्चों के बीच आपसी धक्का-मुक्की हो गई, जिससे गर्म दाल से भरा बर्तन नीचे गिर गया। दाल की चपेट में आने से 8 से 10 वर्ष की उम्र के छह छात्र-छात्राएं आंशिक रूप से झुलस गए।

🏃

बच्चों की भीड़

किचन में एक साथ कई बच्चे पहुंचे, जिससे धक्का-मुक्की हुई

🔥

गर्म दाल का बर्तन गिरा

धक्का-मुक्की में गर्म दाल से भरा बर्तन नीचे गिर गया

😰

6 बच्चे झुलसे

8-10 साल के 6 बच्चे दाल की चपेट में आए, आंशिक रूप से झुलसे

🏥

तुरंत अस्पताल भेजा गया

घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया

👶 घायल बच्चों की पहचान

हादसे में झुलसने वाले बच्चों की पहचान निम्नलिखित रूप हुई है:

क्रमनामउम्र (लगभग)स्थिति
1सत्य प्रकाश8-10 वर्षघायल, इलाज जारी
2गुड्डू8-10 वर्षघायल, इलाज जारी
3सिद्धार्थ8-10 वर्षघायल, इलाज जारी
4संदीप8-10 वर्षघायल, इलाज जारी
5अन्य छात्र8-10 वर्षघायल, इलाज जारी
6अन्य छात्रा8-10 वर्षघायल, इलाज जारी

सभी बच्चों की उम्र 8 से 10 वर्ष के बीच बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चे आंशिक रूप से झुलसे हैं और उनका इलाज जारी है। किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है।

🏫 स्कूल में हड़कंप

हादसे के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। अन्य बच्चे और शिक्षक घबरा गए। घायल बच्चों के रोने की आवाज सुनकर अन्य बच्चे भी डर गए। स्कूल प्रशासन ने तुरंत घायल बच्चों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।

स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल में मिड-डे मील की व्यवस्था पहले से ही ठीक नहीं थी। किचन में जगह की कमी और बच्चों को एक साथ भोजन देने की व्यवस्था से ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता था।

📋 BSA ने दिए जांच के आदेश

हादसे की सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। BSA ने निर्देश दिया कि:

  • हादसे की पूर्ण जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो
  • घायल बच्चों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए
  • स्कूल में मिड-डे मील की व्यवस्था की समीक्षा की जाए
  • भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं
  • स्कूलों में किचन की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए

“यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। हमने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। घायल बच्चों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

— बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), सिद्धार्थनगर

⏳ Timeline: घटनाक्रम

🕐 क्या-क्या हुआ?

दोपहर

स्कूल में मिड-डे मील तैयार हुआ

भोजन का समय

बच्चे किचन में भोजन लेने पहुंचे

हादसा

धक्का-मुक्की में गर्म दाल का बर्तन गिरा, 6 बच्चे झुलसे

तुरंत बाद

स्कूल में हड़कंप, घायल बच्चों को अस्पताल भेजा गया

बाद में

BSA ने जांच के आदेश दिए ⏳

⚠️ यह पहला हादसा नहीं

उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील के दौरान हादसे की यह पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार स्कूलों में खाना बनाते समय या वितरण के दौरान हादसे हो चुके हैं। मुख्य कारण हैं:

  • किचन में जगह की कमी — बच्चे और रसोइए एक साथ, जिससे भीड़ होती है
  • सुरक्षा उपायों की कमी — गर्म खाना रखने के लिए सुरक्षित जगह नहीं
  • बच्चों की निगरानी नहीं — भोजन के समय शिक्षक मौजूद नहीं होते
  • असुरक्षित बर्तन — कई बार भारी बर्तन बच्चों के पहुंच की जगह पर रखे होते हैं
  • अस्पताल दूर होना — हादसे के बाद तुरंत इलाज न मिल पाना

📢 मांग: स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाई जाए

इस हादसे के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है:

  • किचन को बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाए
  • भोजन वितरण के समय शिक्षकों की निगरानी सुनिश्चित की जाए
  • बच्चों को कतार में भोजन दिया जाए, धक्का-मुक्की न हो
  • गर्म खाना रखने के लिए सुरक्षित और ऊंचे स्थान का इस्तेमाल किया जाए
  • स्कूलों में फर्स्ट एड की सुविधा और बुनियादी दवाइयां रखी जाएं
  • आपातकालीन संपर्क नंबर स्कूल में उपलब्ध रहें

📢 सारांश: 10 पॉइंट में समझें

  1. सिद्धार्थनगर के नौगढ़ ब्लॉक में स्कूल में बड़ा हादसा
  2. पुरानी नौगढ़ कंपोजिट प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील के दौरान हादसा
  3. बच्चों के बीच धक्का-मुक्की से गर्म दाल का बर्तन गिरा
  4. 8-10 साल के 6 बच्चे दाल की चपेट में आकर झुलसे
  5. घायल बच्चों में सत्य प्रकाश, गुड्डू, सिद्धार्थ, संदीप शामिल
  6. सभी बच्चे आंशिक रूप से झुलसे, हालत गंभीर नहीं
  7. घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया
  8. स्कूल में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल
  9. BSA ने जांच के आदेश दिए, दोषी पर कार्रवाई की बात
  10. ग्रामीणों ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की

🔮 निष्कर्ष

सिद्धार्थनगर के पुरानी नौगढ़ कंपोजिट प्राइमरी स्कूल में हुआ यह हादसा एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। 6 मासूम बच्चों का झुलसना चिंताजनक है। हालांकि, सभी बच्चों की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन यह हादसा एक चेतावनी है।

BSA द्वारा जांच के आदेश देना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इससे भी ज़रूरी है कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। इसके लिए स्कूलों में किचन की व्यवस्था, बच्चों की निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की ज़रूरत है। मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना है, न कि उन्हें खतरे में डालना।

📰 यह खबर Kapilvastupost और स्थानीय स्रोतों पर आधारित है

🕐 प्रकाशित: 6 अगस्त 2026 | ✍️ रिपोर्ट

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