चीनी के दाम सबको दिखाई देते हैं, प्याज की महंगाई क्यों नहीं?
महंगाई की बात होती है तो अक्सर चीनी, पेट्रोल, गैस और दूसरी जरूरी चीजों के दाम चर्चा में आ जाते हैं। लेकिन एक सवाल यह भी है कि प्याज की बढ़ती कीमतों पर उतनी चर्चा क्यों नहीं हो रही?चीनी ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल बड़ी संख्या में घरों में होता है और इसकी कीमत बढ़ने पर लोगों का ध्यान तुरंत जाता है। वहीं प्याज भी भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। सब्जी, सलाद, कई दालों और दूसरे व्यंजनों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
कुछ महीने पहले जहां प्याज करीब 20 रुपये किलो के आसपास मिल रहा था, वहीं कुछ दिन पहले तक इसकी कीमत करीब 30 रुपये किलो थी। अब कई जगहों पर यही प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। यानी कुछ समय में कीमत लगभग दोगुनी हो गई।
सवाल यह है कि जब प्याज इतनी बड़ी संख्या में लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है, तो इसकी बढ़ती कीमतों पर चर्चा उतनी क्यों नहीं दिखाई देती?
प्याज की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ बाजार की खरीदारी तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ता है। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए, जहां महीने का पूरा खर्च सीमित आमदनी में चलाना पड़ता है।
महंगाई सिर्फ उन्हीं चीजों की नहीं होती जिनकी कीमतें बड़ी सुर्खियां बनती हैं। रसोई में इस्तेमाल होने वाली हर जरूरी चीज की कीमत आम आदमी की जेब को प्रभावित करती है।इसलिए सवाल सिर्फ चीनी की कीमत का नहीं, प्याज की कीमत का भी होना चाहिए।अगर चीनी की कीमत दिखाई देती है, तो प्याज की बढ़ती कीमत क्यों नहीं?क्योंकि रसोई में प्याज सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि करोड़ों लोगों के रोजमर्रा के खाने का हिस्सा है।
रिपोर्टर:- फहीम खान (Faheem khan)
पद :- Reporter world eye bharat news
