डुमरियागंज के गांधीनगर वार्ड नंबर 15 की बदहाल गलियां बनीं मुसीबत, बारिश में जलभराव से स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
टूटी सड़कें, जर्जर सीमेंट स्लैब और जलभराव से परेशान स्थानीय लोग, वर्षों से समस्या के समाधान का इंतजार|

डुमरियागंज। 11 सितंबर, नगर पंचायत डुमरियागंज के गांधीनगर वार्ड नंबर 15 में सड़क और जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। मौके की तस्वीरों में कई जगह सीमेंट के स्लैब टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई हिस्सों में रास्ता उबड़-खाबड़ और कच्चा नजर आ रहा है। बारिश के दौरान इन रास्तों पर पानी जमा होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के समय इन गलियों में पानी भर जाता है। इससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि खराब रास्ते और जलभराव के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
अहमद चौधरी ने बताई वर्षों पुरानी समस्या
मौके पर स्थानीय निवासी अहमद चौधरी से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि उनके अनुसार यह समस्या आज की नहीं, बल्कि बाप-दादा के समय से चली आ रही है।
अहमद चौधरी के मुताबिक सड़क की समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत के जिम्मेदार लोगों से शिकायत की गई। उन्होंने बताया कि पूर्व चेयरमैन जफर अहमद उर्फ बब्बू और मौजूदा चेयरमैन अतीकुर्रहमान से भी इस समस्या के बारे में शिकायत की गई, लेकिन उनके अनुसार हर बार सिर्फ “हां-हां, हो जाएगा” का आश्वासन मिलता रहा। उनका कहना है कि इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
अहमद चौधरी ने बताया कि बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। इलाके के पास अल-फलाह स्कूल समेत अन्य स्कूल भी हैं, जहां जाने के लिए बच्चों को इन्हीं रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।
उनके अनुसार सड़क पर पानी भरने और रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और पानी में भी गिरने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार रास्ते की स्थिति देखकर बच्चे स्कूल पहुंचने से पहले ही वापस घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
शादाब ने भी समस्या की पुष्टि की
वहीं मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी शादाब से भी बातचीत की गई। उन्होंने अहमद चौधरी द्वारा बताई गई समस्या को सही बताते हुए कहा कि बारिश के दौरान वास्तव में बच्चों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है।
शादाब के मुताबिक पूर्व चेयरमैन जफर अहमद उर्फ बब्बू के कार्यकाल में भी इस इलाके में कोई खास काम नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि उनसे पहले चेयरमैन रहे मकसूदन अग्रहरी के समय कुछ काम कराया गया था।
टूटे स्लैब और मिट्टी के रास्ते से बढ़ रही परेशानी
मौके की तस्वीरों में कई जगह सीमेंट के स्लैब टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ हिस्सों में स्लैब के आसपास मिट्टी का रास्ता है। बारिश होने पर यही मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो जाती है और रास्ते पर फिसलन बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय पानी के साथ कचरा भी इधर-उधर फैल जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में और परेशानी होती है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने अपने घर की तरफ इशारा करते हुए सड़क की स्थिति दिखाते हुए कहा कि “देखिए, सड़क का कोई पता ही नहीं चल रहा कि सड़क कहां गई।”

स्थानीय लोगों ने की स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि गांधीनगर वार्ड नंबर 15 की सड़कों और गलियों का निरीक्षण कराकर टूटे हुए स्लैब, खराब रास्ते और जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
लोगों का कहना है कि बारिश के समय सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होती है। ऐसे में जल्द से जल्द सड़क और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
तस्वीरें आपके सामने हैं और स्थानीय लोगों की परेशानी भी आपके सामने है। टूटी सड़कें, जर्जर सीमेंट के स्लैब, मिट्टी, गड्ढे और बारिश में जलभराव… इन्हीं रास्तों से होकर स्थानीय लोग और मासूम बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या की शिकायत की जा रही है और उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि डुमरियागंज के गांधीनगर वार्ड नंबर 15 की इन बदहाल गलियों की तस्वीर आखिर कब बदलेगी? क्या जिम्मेदार इस समस्या का संज्ञान लेकर यहां के लोगों को राहत दिलाएंगे? यह देखने वाली बात होगी।”
रिपोर्टर :- फ़हीम खान
पद :- Reporter, World Eye Bharat News
