बुकर प्राइज के लिए 6 लेखकों की किताबों का हुआ नामांकन, 9 नवंबर को पता लगेगा विजेता का नाम।1 min read
|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
2026 का बुकर प्राइज का फाइनल सूची का इंतज़ार हुआ खत्म, बुकर पुरस्कार 2015 के विजेता मार्लन जेम्स और 2020 के विजेता डगलस स्टुअर्ट में कौन जीतेगा 2026 का पुरस्कार ?

लंदन | 23 सितंबर, बुकर पुरस्कार 2026 के लिए नामांकित किताबों की सूची को साझा कर दिया गया है। लंदन में बुकर पुरस्कार द्वारा आयोजित समारोह में विजेता का नाम घोषित किया जाएगा।
नामांकित किए गए किताबों के नाम!
1. द एंड ऑफ एवरीथिंग
2. द डिसअपीयरर्स
3. ब्लैक बैग
4. मे वी फीड द किंग
5. द थिंग्स वी नेवर से
6. जॉन ऑफ जॉन
मार्लन जेम्स और डगलस स्टुअर्ट आएंगे आमाने-समाने
मार्लन जेम्स की द डिसअपीयरर्स और डगलस स्टुअर्ट की जॉन ऑफ जॉन एक साथ 2026 बुकर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है हालांकि यह दोनों लेखक एक-एक बार बुकर पुरस्कार जीत चुके है।
मार्लन जेम्स ने 2015 में “अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ सेवन किलिंग्स” के लिए बुकर पुरस्कार जीत चुके है तो वहीं 2020 में डगलस स्टुअर्ट को “शुगी बैन” किताब के लिए बुकर पुरस्कार मिल चुका है। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि किस लेखक की किताब बुकर पुरस्कार 2026 जीतेगी क्यूंकि दोनों ही लेखकों की अपनी-अपनी किताब बुकर पुरस्कार के लिए नामांकित हुई है।
तीन नए लेखकों के नाम भी शामिल
ल्यूक केनार्ड की “ब्लैक बैग” , रेबेका पेरी की “मे वी फीड द किंग” और एलिजाबेथ स्ट्रॉट की “द थिंग्स वी नेवर से” को भी बुकर पुरस्कार 2026 के लिए शामिल किया गया है।
क्या है बुकर पुरस्कार?
बुकर पुरस्कार इंग्लैंड में स्थित “बुकर प्राइज फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है, यह 1969 स्थापित हुआ था। यह अंग्रेजी मैं लिखी गईं साहित्यिक उपन्यासों को दिया जाने वाला सबसे प्रमुख पुरस्कार है।
बुकर पुरस्कार किसी एक देश तक ही सीमित नहीं रहती है बल्कि दुनिया भर के सभी लेखकों में से किसी एक को इसके विजेता का पुरस्कर दिया जाता है।
विजेता को मिलेंगे पचास हज़ार पाउंड
बुकर पुरस्कार 2026 के विजेता को बुकर प्राइज फाउंडेशन द्वारा 50,000 पाउंड की राशि मिलेगी और सुची में नामांकित नामों को 2,500 पाउंड दिए जाएंगे।
हालांकि अभी सिर्फ किताबों के नाम ही नामांकित किये गये है जबकि इसके विजेता कौन होंगे यह जानने के लिए 9 नवंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा।
रिपोर्टर – सोहेब अंसारी|WORLD EYE BHARAT NEWS|
स्रोत – बुकर प्राइज फाउंडेशन
