बीडीओ दफ्तर से गायब, आक्रोशित ग्रामीणों ने एडीओ को सौंपा ज्ञापन; 7 दिन में कड़ी कार्रवाई का मिला आश्वासन1 min read
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ग्राम पंचायत रेवारिया में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार, फर्जी हाजिरी और गौशाला की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे, लेकिन वहां बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) समय पर मौजूद नहीं मिले। अधिकारी की अनुपस्थिति से नाराज ग्रामीणों ने हंगामा किया, जिसके बाद मौके पर मौजूद एडीओ (सहायक विकास अधिकारी) ने आगे आकर ग्रामीणों का ज्ञापन लिया।
एडीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि 7 दिन के अंदर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने लगाए यह 5 बड़े गंभीर आरोप:
• अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी:
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी गंभीर समस्याओं के बाद भी मुख्य अधिकारी का दफ्तर में न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
• विकास कार्यों में बड़ा घोटाला:
गांव में नाली निर्माण, पुस्तकालय और पंचायत भवन के नाम पर सरकारी बजट तो निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
•150-200 लोगों की फर्जी हाजिरी:
विभिन्न सरकारी योजनाओं में हर दिन सैकड़ों लोगों की फर्जी हाजिरी दर्ज दिखाकर सरकारी धन का खुलेआम गबन किया जा रहा है।
गौशाला में तड़पकर मर रही गाएं:
चारे, पानी और इलाज के अभाव में गौशाला की स्थिति अत्यंत दयनीय है। मृत गायों को सम्मानजनक रूप से दफनाने के बजाय खुले में फेंका जा रहा है।
आरोग्य मंदिर और सफाई व्यवस्था ठप:
गांव का स्वास्थ्य केंद्र (आरोग्य मंदिर) हमेशा बंद रहता है। कचरा उठाने वाली गाड़ियां बंद होने से पूरे गांव में गंदगी का अंबार लगा है।
7 दिन का अल्टीमेटम:
ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दिए गए 7 दिनों के भीतर दोषियों पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वे ब्लॉक मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे
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