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YouTube से सीखी ट्रिक: iPhone और Apple Cloud के जरिए UPI हाइजैक कर नेपाल के कैसीनो में उड़ाए लाखों, 3 ठग गिरफ्तार1 min read

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बलरामपुर: उत्तर प्रदेश की बलरामपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों को खाली कर देता था। यह गिरोह चंद मिनटों के लिए पीड़ितों से मोबाइल मांगता और उनके सिम को अपने आईफोन में डालकर यूपीआई (UPI) अकाउंट हैक कर लेता था। इसके बाद इन पैसों को नेपाल के कैसीनो में ऑनलाइन पेमेंट के जरिए कैश करा लिया जाता था।

पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी सनी चौरसिया (निवासी आर्यनगर) और दो बाल अपचारियों (नाबालिगों) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल और 24 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।‎

विशेष अभियान ‘साइ व्रज’ के तहत बड़ी कार्रवाई

‎यह कामयाबी उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान ‘साइ व्रज‘ के तहत मिली है। पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेन्द्र कुमार की निगरानी में साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस गिरोह को दबोचा है।

‎यह पूरा मामला उतरौला कोतवाली क्षेत्र के अमया देवरिया गांव के रहने वाले अरुण कुमार वर्मा की शिकायत के बाद प्रकाश में आया। जांच का जिम्मा निरीक्षक बलजीत राव और साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक हीरालाल को सौंपा गया था, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी मुमकिन हो सकी।

YouTube से सीखी UPI हाइजैक करने की तकनीक

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर आईफोन के जरिए यूपीआई और डिजिटल वॉलेट ऐप्स को लॉगिन करने का तरीका सीखा था। वे जानते थे कि एप्पल क्लाउड (Apple Cloud) के इस्तेमाल से लॉगिन सेशन को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

ठगी का पूरा तरीका इस प्रकार था:‎

• गिरोह सबसे पहले सेकंड हैंड आईफोन खरीदता था।

‎• इसके बाद वे अपने परिचितों या दोस्तों से फोटो खींचने, कॉल करने या किसी अन्य बहाने से कुछ मिनट के लिए उनका फोन मांगते थे।‎

• नजर बचाकर वे पीड़ित के फोन से सिम निकालते और अपने आईफोन में डाल लेते थे।

‎• कुछ ही मिनटों में वे NAVI UPI, Paytm और अन्य डिजिटल वॉलेट में लॉगिन कर नया पासकोड सेट कर देते थे।

‎• इसके बाद सिम वापस पीड़ित के फोन में लगा दी जाती थी। एप्पल क्लाउड की वजह से सिम निकालने के बाद भी आरोपियों के आईफोन में पीड़ित का यूपीआई अकाउंट एक्टिव रहता था।

नेपाल के कैसीनो में बदला जाता था कैश

‎‎खाता पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेने के बाद आरोपी नेपाल के चंद्रौटा स्थित कैसीनो और अन्य बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाते थे। वहां वे पीड़ितों के यूपीआई से ऑनलाइन पेमेंट करते और उसके बदले में वहां से नकद (कैश) ले लेते थे। बैंक स्टेटमेंट में यह लेनदेन सामान्य खरीदारी जैसा दिखता था, जिसके कारण पीड़ितों को काफी समय तक अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास ही नहीं हो पाता था।‎

पुलिस की जनता से अपील: सतर्क रहें‎‎

साइबर विशेषज्ञों और बलरामपुर पुलिस ने आम जनता को सतर्क करते हुए अपील की है कि वे किसी भी अनजान या कम भरोसेमंद व्यक्ति को अपना मोबाइल या सिम कार्ड बिल्कुल न दें। यदि कुछ मिनटों के लिए भी सिम किसी अन्य डिवाइस में जाती है, तो आपके वित्तीय खाते पूरी तरह असुरक्षित हो सकते हैं। पुलिस ने कहा है कि यदि बैंक खाते या यूपीआई में कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत अपने बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अहद

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