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दिल्ली में भारी ड्रामा: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने बस में खींचा, चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च पर एक्शन!1 min read

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विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। दिल्ली में मंगलवार की रात उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पुलिस ने विपक्षी नेता राहुल गांधी और अन्य सांसदों के विरोध-प्रदर्शन को जबरन रोक दिया। चुनाव नियमों में विवादित बदलावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने जबरन बस में खींचकर अस्थायी रूप से हिरासत में ले लिया।

इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहे हैं, जिसमें पुलिस राहुल गांधी को बस के अंदर धकेलती और उन्हें खिड़की से बाहर निकलने से रोकती नजर आ रही है।


📍 घटना का मुख्य बिंदु: क्यों प्रदर्शन कर रहा था विपक्ष?

यह पूरा विवाद भारत के चुनाव आयोग (Election Commission) और विपक्षी दलों के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा है।

  • वोटर लिस्ट में बदलाव का आरोप: विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची (Voter Rolls) में इस तरह से बदलाव किए हैं जिससे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधा फायदा पहुंचे। हालांकि, बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों ने ही इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
  • आकाशवाणी भवन में धरना: राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के अन्य सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, सभी नेता पास के ही आकाशवाणी भवन (Broadcasting House) में पूरे दिन धरने पर बैठ गए।
  • राहुल गांधी का बयान: हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “हम सभी विपक्ष के सांसद हैं और हम सिर्फ चुनाव आयुक्तों से मिलकर इस बदलाव पर सवाल पूछना चाहते हैं। मुझे समझ नहीं आता कि चुनाव आयोग हमसे बात करने से क्यों कतरा रहा है।”

⚠️ पुलिसिया कार्रवाई और एफआईआर (FIR)

देर रात स्थिति बिगड़ती देख दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया:

  • कानून व्यवस्था का हवाला: समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, पुलिस ने अपने बयान में कहा कि “कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को और गंभीर होने से रोकने के लिए” प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया।
  • नेताओं पर केस दर्ज: समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के आरोप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पुलिस में शिकायत (FIR) भी दर्ज की गई है।

🏛️ चुनाव आयोग की इस मामले पर क्या है सफाई?

इस पूरे गतिरोध पर चुनाव आयोग ने मंगलवार रात एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की:

  1. प्रतिनिधिमंडल पर आपत्ति: आयोग ने कहा कि वह विपक्ष से मिलने के लिए तैयार था, लेकिन विपक्ष के 240 सदस्यीय भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल (Delegation) से संसद या बाहर मिलना नियमों के खिलाफ है।
  2. आधिकारिक प्रक्रिया: चुनाव आयोग के अनुसार, किसी भी दल के प्रतिनिधि को मिलने के लिए पहले औपचारिक रूप से समय (Appointment) मांगना होता है और यह बैठकें केवल चुनाव आयोग के आधिकारिक दफ्तर में ही आयोजित की जा सकती हैं।

(स्रोत: बीबीसी न्यूज़ / पीटीआई / एएनआई)


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