गोरखपुर: सूने घरों में चोरी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार, 50 लाख के सोने-चांदी के गहने बरामद1 min read
विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- घटना का स्थान: गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का खुलासा करते हुए पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद।
विस्टृत समाचार (Detailed News):
गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय/स्थानीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सूने घरों को अपना निशाना बनाकर गहने और नकदी चुराने वाले एक शातिर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और चोरी का अन्य सामान बरामद किया गया है।
सूने मकानों को बनाते थे निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से शहर के अलग-अलग इलाकों में सूने पड़े मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सर्विलांस टीम को चोरों की सुरागकशी के लिए लगाया गया था। छानबीन के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों की घेराबंदी की। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र सुनसान इलाकों या ताला बंद मकानों की रेकी कर इस प्रकार की बड़ी चोरियों को अंजाम देते थे।
लाखों के जेवरात और नकदी बरामद
पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी में आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद हुआ। इसमें सोने और चांदी के महंगे हार, चूड़ियां, अंगूठियां और अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस चोरी के माल को खपाने में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
(सोर्स: लाइव हिन्दुस्तान और गोरखपुर पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएं)
(डिस्क्लेमर: यह खबर मीडिया सोर्सेज और प्रारंभिक पुलिस सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। इस खबर में दिए गए तथ्यों और दावों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
