सिद्धार्थनगर: ग्राम पंचायत रेडवरिया (बढ़नी ब्लॉक) U.P में ‘VB-G RAM G’ योजना का महा-फर्जीवाड़ा; जेसीबी से अवैध खुदाई और प्रेस टीम से अभद्रता पर ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की सख्त चेतावनी1 min read
ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट | ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- ग्राम पंचायत रेडवरिया का घोटाला: सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रेडवरिया में ‘VB-G RAM G’ योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी धन की लूट और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
- JCB से अवैध खुदाई और गायब पेड़: श्रम-आधारित इस योजना में मजदूरों से काम कराने के बजाय धड़ल्ले से जेसीबी (JCB) मशीन से अवैध खुदाई कराई जा रही है, जबकि कागजों पर वृक्षारोपण के झूठे दावे किए जा रहे हैं।
- पोर्टल पर फर्जी हाजिरी का खेल: एनएमएमएस (NMMS) ऐप और डिजिटल मस्टर रोल पर फर्जी मजदूरों की तस्वीरें अपलोड कर सरकारी बजट का बंदरबाँट किया जा रहा है।
- पत्रकारिता पर हमला और सफेद टी-शर्ट वाले की दबंगई: सच दिखाने पहुँची ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की टीम के साथ सफेद टी-शर्ट पहने स्थानीय शख्स (जो कथित तौर पर फर्जी हाजिरी अपलोड करने में संलिप्त है) और प्रधान के चहेतों ने अभद्रता की, अपशब्द कहे और प्रेस गाइडलाइंस का खुला उल्लंघन किया।
- कंपनी की सख्त चेतावनी: संस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों ने इन दबंगों व भ्रष्टाचारियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ अपने स्तर पर कानूनी और प्रेस अधिकारों के तहत सख्त कदम उठाएगा।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रेडवरिया से ग्रामीण विकास योजनाओं को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की टीम जब धरातल पर सच्चाई की तह तक पहुँची, तो ‘विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन’ (VB-G RAM G) के तहत चल रहे महा-घोटाले की परतें खुल गईं।
1. धरातल पर मशीनें और कागजों पर फर्जी मस्टर रोल
नियमानुसार यह योजना पूरी तरह श्रम-आधारित है, जिसमें गरीब मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था। लेकिन रेडवरिया में मजदूरों के पसीने की कीमत पर जेसीबी (JCB) मशीनों से अवैध खुदाई कराई जा रही है। हद तो तब हो जाती है जब मशीनों से काम कराने के बावजूद ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल मस्टर रोल पर फर्जी मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर सरासर सरकारी धन को हपा जा रहा है।

2. सफेद टी-शर्ट वाले की अभद्रता और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला
जब हमारी ग्राउंड जीरो टीम ने इस पूरे फर्जीवाड़े और सफेद टी-शर्ट पहने उस व्यक्ति (जो कथित तौर पर फर्जी मजदूरों की फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड कर रहा है) के कृत्यों को कैमरे में कैद करना चाहा, तो सत्ता और भ्रष्टाचार के नशे में चूर इन तत्वों ने सारी हदें पार कर दीं। टीम के रिपोर्टर के साथ खुलेआम अभद्रता की गई, गाली-गलौज और भद्दी भाषा का प्रयोग किया गया। साथ ही यह दुस्साहस दिखाया गया कि “जो करना हो कर लीजिए, हम पर कोई असर नहीं पड़ता।”
यह सीधी तौर पर पत्रकारिता के सिद्धांतों और प्रेस की स्वतंत्रता पर करारा हमला है। ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ अपने किसी भी रिपोर्टर के साथ होने वाली इस तरह की अमर्यादित बदतमीजी और गुंडागर्दी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
3. अधिकारियों की संलिप्तता
क्या ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल संभव है? जब देश और प्रदेश की सरकार गरीबों के विकास और पारदर्शिता के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, तब ये भ्रष्ट तत्व और उनके पाले हुए लोग योजनाओं को दीमक की तरह चाट रहे हैं।
📢 ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की अंतिम और सख्त चेतावनी
हमारे पास इस पूरे भ्रष्टाचार, जेसीबी से हो रही अवैध खुदाई, डिजिटल फर्जीवाड़े और टीम के साथ की गई अभद्रता के पुख्ता वीडियो और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित मौजूद हैं।
हम जिला प्रशासन और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से पुरजोर मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच कराई जाए। सफेद टी-शर्ट में नजर आ रहे आरोपी और इस पूरी अराजकता के पीछे छिपे प्रधान-सेक्रेटरी पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि स्थानीय प्रशासन ने इन दबंगों और भ्रष्टाचारियों पर समय रहते नकेल नहीं कसी, तो ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ प्रेस की गरिमा और अपने रिपोर्टरों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने स्तर पर कानूनी और कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
(सोर्स: ग्राउंड जीरो इन्वेस्टिगेशन, डिजिटल साक्ष्य एवं वीडियो रिकॉर्डिंग)
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट मौके की जमीनी पड़ताल, पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो सबूतों के आधार पर तैयार की गई है। जनहित और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए यह खुलासा करना अनिवार्य है।)
(रिपोर्ट: ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’)
