डुमरियागंज के वार्ड नंबर-5, राजेंद्र नगर (सफा कॉलोनी) में सीसी सड़क निर्माण पर सवाल, सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर अध्यक्ष की टिप्पणी तक चर्चा तेज1 min read
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत डुमरियागंज के वार्ड नंबर-5 स्थित राजेंद्र नगर (सफा कॉलोनी) में सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सड़क निर्माण शुरू होने पर मोहल्ले के लोगों में खुशी का माहौल था, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सभासद परवेज अहमद द्वारा वीडियो साझा किए जाने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया। मामला तब और चर्चा में आया, जब शम्स तबरेज उर्फ सबलू, नेमतुल्लाह खान और नगर पंचायत अध्यक्ष अतीकुर्रहमान अतीक की सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियां सामने आईं।
🛣️ 10 अक्टूबर को शुरू हुआ सड़क निर्माण कार्य
मिली जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नगर की सफा कॉलोनी में सीसी सड़क निर्माण का कार्य शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ था। निर्माण कार्य 17 अक्टूबर तक पूरा होने की स्थिति में पहुंच गया था। मोहल्ले के लोगों को उम्मीद थी कि सड़क बनने से आवागमन की समस्या दूर होगी और उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी।
हालांकि, निर्माण कार्य के अंतिम चरण में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे।
📹 सभासद परवेज अहमद ने वीडियो साझा कर उठाए सवाल
राजेंद्र नगर के सभासद परवेज अहमद ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीसी सड़क बनने के बाद उस पर पर्याप्त पानी नहीं डाला गया।
उन्होंने सड़क की ढलाई और बेस तैयार करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सीसी सड़क की मजबूती और टिकाऊपन के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठाई।
हालांकि, सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। इसकी वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
📱 शम्स तबरेज उर्फ सबलू ने भी साझा किया वीडियो
सभासद परवेज अहमद के बाद शम्स तबरेज उर्फ सबलू ने भी अपने फेसबुक अकाउंट से वही वीडियो साझा किया। इसके बाद नेमतुल्लाह खान ने भी इस मामले को लेकर फेसबुक पर पोस्ट की। इसी पोस्ट पर हुई टिप्पणियों ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया।
🗣️ नेमतुल्लाह खान की टिप्पणी में पांच साल के कार्यकाल पर सवाल
नेमतुल्लाह खान ने अपनी फेसबुक पोस्ट में शम्स तबरेज उर्फ सबलू के पांच साल के कार्यकाल को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि सबलू पांच साल तक नगर पंचायत अध्यक्ष रहे, लेकिन अपने मोहल्ले में एक खंभे का बल्ब तक नहीं बदलवा पाए। उन्होंने वार्ड नंबर-20 के जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि की भूमिका और सफा रोड का विरोध किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
यह टिप्पणी नेमतुल्लाह खान की सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त विचारों का हिस्सा है। इसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
🏛️ उसी पोस्ट के कमेंट बॉक्स में नगर पंचायत अध्यक्ष अतीकुर्रहमान अतीक ने भी दी प्रतिक्रिया
मामले में एक और घटनाक्रम तब सामने आया, जब नेमतुल्लाह खान की उसी फेसबुक पोस्ट के कमेंट बॉक्स में नगर पंचायत अध्यक्ष अतीकुर्रहमान अतीक की प्रतिक्रिया भी दिखाई दी।
उपलब्ध स्क्रीनशॉट के अनुसार, अध्यक्ष अतीकुर्रहमान अतीक ने टिप्पणी में लिखा कि पांच साल तक सभासद रहने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अपने मोहल्ले में एक तसला मिट्टी तक नहीं डलवा पाए। उन्होंने आगे लिखा कि ऐसी स्थिति में विरोध के अलावा क्या बचता है। टिप्पणी में उन्होंने यह भी कहा कि जनता जागरूक है और सभी देख रहे हैं कि किसने क्या किया।
इस प्रकार, सड़क निर्माण से जुड़ी पोस्ट पर हुई चर्चा में नेमतुल्लाह खान की टिप्पणी के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने आई। इससे सोशल मीडिया पर चल रही बहस में पुराने कार्यकाल और विकास कार्यों को लेकर भी सवाल जुड़ गए।
हालांकि, अध्यक्ष की टिप्पणी में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
❓ वीडियो डिलीट होने के बाद कमीशन को लेकर टिप्पणी
इस पूरे घटनाक्रम में चर्चा उस समय और बढ़ गई, जब अगले दिन सभासद परवेज अहमद और शम्स तबरेज उर्फ सबलू के फेसबुक अकाउंट से संबंधित वीडियो उपलब्ध नहीं रहा।
वीडियो हटाए जाने के पीछे क्या कारण था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बाद नेमतुल्लाह खान ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कमीशन को लेकर टिप्पणी की।
उन्होंने लिखा कि पहले उन्हें परवेज अहमद खान के कमीशन के मामले में फंसने की बात पर यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन वीडियो डिलीट होने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि कमीशन मिल गया।
हालांकि, कमीशन मिलने संबंधी इस टिप्पणी की स्वतंत्र पुष्टि करने वाला कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। केवल वीडियो डिलीट होने के आधार पर किसी आर्थिक लेन-देन या अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसलिए इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
🔎 अब सड़क की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुछ अहम सवाल सामने हैं—
क्या सीसी सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया?
क्या सड़क की मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं अपनाई गईं?
क्या संबंधित विभाग सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराएगा?
संबंधित वीडियो हटाए जाने के पीछे क्या कारण था?
सोशल मीडिया पर कमीशन को लेकर की गई टिप्पणी के समर्थन में कोई प्रमाण मौजूद है?
क्या नगर पंचायत प्रशासन सड़क निर्माण से जुड़े सवालों पर अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करेगा?
इन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों, तकनीकी जांच और सभी पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही सामने आ सकते हैं।
📢 नगर पंचायत प्रशासन की

प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर सड़क निर्माण में अनियमितता या कमीशन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नगर पंचायत प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं है।
संबंधित विभाग से अपेक्षा है कि वह निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करे। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर सामने आना चाहिए।
डुमरियागंज से ग्राउंड रिपोर्ट — World Eye Bharat news
रिपोर्टर:- फहीम खान
