EducationInternational NewsLocal NewsNational NewsTop News

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — “कॉकरोच जनता पार्टी” आंदोलन की सबसे बड़ी जीत, PM मोदी को भेजा त्यागपत्र

🔴 बड़ी खबर · नई दिल्ली · जुलाई 2026

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — “कॉकरोच जनता पार्टी” आंदोलन की सबसे बड़ी जीत, PM मोदी को भेजा त्यागपत्र

जंतर-मंतर, नई दिल्ली · केंद्रीय मंत्रिपरिषद · 25 जुलाई 2026

महीनेभर से जंतर-मंतर पर डटे हजारों छात्रों के आंदोलन को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया। यह “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) की सबसे प्रमुख मांग थी, और मोदी सरकार की ओर से इस आंदोलन के सामने यह पहला बड़ा समझौता माना जा रहा है।

इस्तीफा स्वीकार
PM मोदी को भेजा गया
त्यागपत्र
1 महीने से अधिक
जंतर-मंतर पर छात्रों का
लगातार धरना
18 मेट्रो स्टेशन
व इंटरनेट पर पाबंदी
प्रशासन की ओर से

क्या हुआ शनिवार को?

शनिवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब पुलिस नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ रही थी, और ठीक उसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने X (ट्विटर) पर अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। यह घोषणा ऐसे समय आई जब आंदोलन के नेताओं की केंद्रीय मंत्रियों के साथ अगले दौर की बातचीत होने वाली थी। खबर फैलते ही जंतर-मंतर सहित देशभर में जमा हजारों प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

प्रधान ने अपने पोस्ट में लिखा कि जंतर-मंतर और पूरे देश में जो हालात बने हैं, उन्हें देखते हुए — ताकि “राष्ट्र-विरोधी ताकतें” इस स्थिति का फायदा न उठा सकें, राष्ट्रीय एकता बनी रहे, किसी भी भारतीय छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, और हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई और करियर बनाने में लगा सकें — उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।

“शुरुआत से ही मैंने इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटा। मेरा दृढ़ संकल्प था कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र की क्षमता को ‘परीक्षा माफिया’ कुचलने न पाए, न ही किसी छात्र के साथ अन्याय हो। लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने कई छात्रों को गुमराह करने और बाधाएं खड़ी करने की कोशिश की।”
— धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफे की सार्वजनिक चिट्ठी में

CJP और छात्रों की प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन छात्रों की महीने भर से चली आ रही सबसे प्रमुख मांग थी, जो दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए थे। खबर सामने आते ही CJP ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा — “तिलचट्टे जीत गए… लोकतंत्र जीत गया!” वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत डिप्के ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”

बता दें कि प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और CJP के बीच बातचीत लगभग ठप पड़ गई थी। शनिवार सुबह CJP ने दोहराया था कि अगर केंद्र सरकार उनकी यह मांग स्वीकार नहीं करती है, तो आगे कोई बातचीत नहीं होगी।

🚨 आंदोलन के दौरान तनाव

❌ सोमवार को पुलिस लाठीचार्ज व आंसू गैस में कई छात्र घायल

❌ कथित तौर पर पैलेट गन इस्तेमाल के भी आरोप

❌ दिल्ली में इंटरनेट व 18 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी

❌ बातचीत शनिवार सुबह लगभग टूटने की स्थिति में पहुंची

✅ शनिवार का घटनाक्रम

✅ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा PM मोदी को भेजा गया

✅ जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों में जश्न का माहौल

✅ CJP ने इसे बड़ी जीत करार दिया

✅ मंत्रियों के साथ अगले दौर की बातचीत जारी रहने की संभावना

आंदोलन यहां तक कैसे पहुंचा?

“कॉकरोच जनता पार्टी” मूल रूप से एक राजनीतिक व्यंग्य आंदोलन के तौर पर शुरू हुई थी, जिसने भारत के युवाओं की उस निराशा को आवाज दी जो उन्हें लगता था कि मोदी सरकार ने उनके साथ न्याय नहीं किया। NEET परीक्षा पेपर लीक और उसके बाद हुई पुनः परीक्षाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया था, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ने लगी।

सोमवार को हुए पुलिस-प्रदर्शनकारी टकराव ने आंदोलन को और हवा दी, जिसमें कई छात्र लाठीचार्ज और आंसू गैस के कारण घायल हुए थे। इससे पहले शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी इस आंदोलन का एक बड़ा प्रतीक बन चुकी थी। बीते सप्ताह NTA के 47 अधिकारियों की बर्खास्तगी के बावजूद सरकार प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव और जनाक्रोश के बीच आखिरकार यह फैसला लेना पड़ा।

घटनाक्रम

📅 समयरेखा

📝 दो महीने पहले — NEET पेपर लीक विवाद के बाद आंदोलन की शुरुआत

🏕️ बीते एक महीने से — जंतर-मंतर पर लगातार धरना जारी

🍽️ बीते सप्ताह — सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाए जाने से आंदोलन तेज हुआ

🏛️ सोमवार — संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज, कई घायल

🔨 24 जुलाई — NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, फिर भी प्रधान का इस्तीफा नहीं

🚫 शनिवार सुबह — CJP ने मांग न मानने पर बातचीत खत्म करने की चेतावनी दी

25 जुलाई 2026 (शनिवार) — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को त्यागपत्र भेजा गया

आगे क्या होगा?

इस्तीफे के बावजूद CJP की अन्य मांगें अभी भी अनसुलझी हैं, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की समीक्षा और NTA के कामकाज में व्यापक सुधार शामिल हैं। सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का अगला दौर जल्द होने की उम्मीद है, जिसमें नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और परीक्षा सुधार से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। यह देखना बाकी है कि सरकार शेष मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।

📌 मुख्य बात: महीनेभर से जारी “कॉकरोच जनता पार्टी” आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। यह मोदी सरकार की ओर से आंदोलन के सामने पहली बड़ी रियायत मानी जा रही है। हालांकि CJP की अन्य मांगें — जैसे NEP की समीक्षा और NTA में सुधार — अभी बाकी हैं, और सरकार के साथ बातचीत का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

स्रोत: The Week (PTI) · Al Jazeera · India.com · 25 जुलाई 2026।

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

World Eye Bharat News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.