EducationHealthJharkhandLocal NewsNational NewsTop News

झारखंड विधानसभा प्रदर्शन: पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल, बैरिकेड की तीन-तीन परतें तोड़कर आगे बढ़े छात्र, पानी की बौछारें भी नहीं रोक पाईं

🔴 ब्रेकिंग · रांची विधानसभा · 10 अगस्त 2026

झारखंड विधानसभा प्रदर्शन: पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल, बैरिकेड की तीन-तीन परतें तोड़कर आगे बढ़े छात्र, पानी की बौछारें भी नहीं रोक पाईं

धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर से शुरू हुआ मार्च, पुलिस ने विधानसभा से करीब 3 किलोमीटर पहले रोका। प्रदर्शन के 17वें दिन छात्रों ने बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की।

धुर्वा, रांची · झारखंड विधानसभा · AISA · 10 अगस्त 2026

4

पुलिसकर्मी घायल
पथराव में

3 KM

पहले ही रोका
विधानसभा से

17वां दिन

प्रदर्शन का
कोई नरमी नहीं

🚨 ताज़ा जानकारी: रांची में सोमवार को हुए इस प्रदर्शन में पहली बार दोनों तरफ से नुकसान की पुष्टि हुई — चार पुलिसकर्मी पथराव में घायल हुए, वहीं कई प्रदर्शनकारी भी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल बताए जा रहे हैं। यह अब तक के इस आंदोलन का सबसे हिंसक दिन माना जा रहा है।

कैसे बढ़ी घटना — शुरुआत से पूरी कहानी

झारखंड में सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन का सोमवार को 17वां दिन था। छात्रों ने रांची में धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर से मार्च शुरू किया।

पुलिस ने विधानसभा से करीब 3 किलोमीटर पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। लेकिन इसके तुरंत बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए और आगे बढ़ने लगे — इसके बावजूद कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारों (water cannons) का इस्तेमाल किया।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो — जो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं — भी इस मार्च का हिस्सा थे। दोपहर होते-होते प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के पास लगी दूसरी और तीसरी बैरिकेड की परत भी तोड़ दी।

पथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल — पुलिस पक्ष की बात

प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह पहली बार है जब इस पूरे आंदोलन में पुलिस की तरफ से भी चोटों की पुष्टि हुई है — अब तक की रिपोर्टों में मुख्यतः प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें ही सामने आ रही थीं।

इसके जवाब में पुलिस ने बैटन चार्ज (लाठीचार्ज) किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। इस घटनाक्रम ने आंदोलन को एक नए और अधिक तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंचा दिया है — जहां अब दोनों पक्षों की तरफ से चोटों के दावे और पलटवार सामने आ रहे हैं।

👮 पुलिस को हुआ नुकसान

🩹 4 पुलिसकर्मी पथराव में घायल
🛡️ बैरिकेड की 3 परतें तोड़ी गईं
💧 पानी की बौछारें बेअसर रहीं
⚔️ जवाबी कार्रवाई में बैटन चार्ज

🎓 प्रदर्शनकारियों की स्थिति

🚶 धुर्वा से विधानसभा तक मार्च
🚧 3 किमी पहले रोके गए
🧗 बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़े
🩹 लाठीचार्ज में कई घायल

छात्र संगठनों का समर्थन — AISA मैदान में उतरा

इस प्रदर्शन को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का समर्थन भी मिला, जिसने मार्च की तस्वीरें और वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा कीं। इससे पता चलता है कि यह आंदोलन अब सिर्फ स्थानीय छात्र समूहों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के छात्र संगठन भी इसमें शामिल हो रहे हैं।

वीडियो फुटेज में साफ दिखाया गया है कि किस तरह पुलिस ने बैरिकेड के पास पहुंचे नौकरी अभ्यर्थियों पर बैटन चार्ज किया, जब उन्होंने विधानसभा के पास बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की।

17 दिन से जारी है यह संघर्ष — छात्रों की जिद बरकरार

इस बात पर ध्यान देना ज़रूरी है कि यह प्रदर्शन कोई अचानक भड़का आक्रोश नहीं है — यह लगातार 17वें दिन भी जारी है, और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इतने लंबे समय तक चलने वाला यह संघर्ष दिखाता है कि छात्रों में सरकार के खिलाफ गहरी नाराज़गी है और वे आसानी से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

हर बार बैरिकेड, पानी की बौछारें और आंसू गैस के बावजूद छात्र दोबारा संगठित होकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं — जो यह दर्शाता है कि यह आंदोलन आसानी से खत्म होने वाला नहीं है।

10 अगस्त की घटना — क्रम से पूरी जानकारी

📅 10 अगस्त 2026 — घटनाक्रम

🚶 सुबहधुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर से मार्च शुरू
🚧 कुछ देर बादपुलिस ने विधानसभा से 3 किमी पहले रोका
🧗 तुरंत बादप्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़े
💧 इसी दौरानपुलिस ने पानी की बौछारें इस्तेमाल कीं, बेअसर रहीं
🧨 दोपहरदूसरी और तीसरी बैरिकेड परत भी टूटी
🪨 दोपहर 4:06 PM तकपथराव में 4 पुलिसकर्मी घायल
⚔️ जवाबी कार्रवाई — पुलिस का बैटन चार्ज, कई प्रदर्शनकारी घायल
🏥 शाम — महतो की हालत बिगड़ी, सदर अस्पताल भेजे गए

झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद का पुराना इतिहास

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विधानसभा तक मार्च और पुलिस कार्रवाई का यह कोई पहला मामला नहीं है। मार्च 2023 में भी सैकड़ों युवाओं ने JSSC की नई भर्ती नीति के खिलाफ विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की थी, जिस पर पुलिस ने लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था और 8 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

उस समय भी छात्र नेता जयराम महतो ने पुलिस पर “शांतिपूर्ण प्रदर्शन” पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया था। यह दिखाता है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच तनाव का यह सिलसिला सालों से चला आ रहा है — और अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

📌 मुख्य बात: पहली बार इस आंदोलन में पुलिस की तरफ से भी 4 चोटों की पुष्टि हुई है — जो बताता है कि प्रदर्शन अब सिर्फ एकतरफा पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं रहा, बल्कि दोनों तरफ से टकराव बढ़ रहा है। 17 दिन से जारी यह आंदोलन और भूख हड़ताल जल्द खत्म होते नहीं दिख रहे — जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती।

स्रोत: Deccan Herald · Scroll.in (The Indian Express के हवाले से) · AISA आधिकारिक सोशल मीडिया — 10 अगस्त 2026। यह एक विकासशील खबर है।

यह मूल हिंदी लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सभी पक्षों की बातें निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत की गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

World Eye Bharat News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.