कोयंबटूर से गिरफ्तार संदिग्ध मकसूद निकला सिद्धार्थनगर का रहने वाला, पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में होने का आरोप1 min read
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यूपी एटीएस ने 14 सितंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से जिस 19 वर्षीय मकसूद को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार किया है, उसका कनेक्शन सिद्धार्थनगर जिले से सामने आया है। एटीएस के मुताबिक मकसूद बांसी तहसील के मधवापुर गांव का रहने वाला है और उस पर पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में होने के आरोप हैं।
गिरफ्तारी की खबर परिजनों को मिलने के बाद पिता अब्दुल कुद्दूस रिश्तेदार के साथ लखनऊ रवाना हो गए। बेटे की गिरफ्तारी से परिवार और गांव के लोग सकते में हैं मधवापुर गांव का रहने वाला मकसूद पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
करीब तीन साल पहले पिता अब्दुल कुद्दूस के कूल्हे में गंभीर समस्या हुई, जिसके बाद वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। मकसूद ने तिलक इंटर कॉलेज से कक्षा नौ तक पढ़ाई की, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते दसवीं में दाखिला नहीं ले सका।
रोजगार की तलाश में करीब तीन महीने पहले वह एक रिश्तेदार के साथ कारपेंटर का काम करने निकल गया। परिवार का दावा है कि मकसूद बेहद सीधा-साधा लड़का था और उसका ज्यादातर समय घर पर मोबाइल चलाते हुए बीतता था। मां के टोकने पर वह मोबाइल से पढ़ाई करने की बात कहता था।
परिजनों का कहना है कि गांव में मकसूद की किसी से ज्यादा दोस्ती नहीं थी और घर पर भी किसी बाहरी युवक के आने-जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी। परिवार के मुताबिक घर की आर्थिक परेशानियों और भाई-बहनों की पढ़ाई के खर्च को देखते हुए उसने काम करने का फैसला किया था।
मकसूद अपनी दादी के भी बेहद करीब था। पोते की गिरफ्तारी की खबर सुनकर दादी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि मकसूद हमेशा अपने काम से काम रखने वाला लड़का था और स्कूल से लौटने के बाद ज्यादातर समय मोबाइल पर ही रहता था।
दादी के मुताबिक आर्थिक हालात को देखते हुए करीब तीन महीने पहले मकसूद रिश्तेदार के साथ काम की तलाश में मुंबई, फिर गुजरात और उसके बाद तमिलनाडु गया था। अब एटीएस की गिरफ्तारी के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मकसूद कथित तौर पर किन लोगों के संपर्क में आया।
वहीं गांव के प्रधान प्रतिनिधि राजदेव को भी मकसूद की गिरफ्तारी की जानकारी अखबार के जरिए मिली। उनका कहना है कि मकसूद गांव में ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था और अपना अधिकांश समय घर पर ही बिताता था। ग्रामीणों के मुताबिक उसकी कथित गतिविधियों को लेकर पहले कभी कोई ऐसी बात सामने नहीं आई, जिससे इस तरह की कार्रवाई की आशंका होती।
एटीएस की कार्रवाई की खबर गांव में पहुंचते ही मधवापुर में सन्नाटा पसर गया। परिवार जहां बेटे को लेकर परेशान है, वहीं ग्रामीण भी गिरफ्तारी की खबर से हैरान हैं। फिलहाल एटीएस की जांच में मकसूद पर लगाए गए आरोपों और उसके कथित संपर्कों को लेकर आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्टर – अब्दुल अहद
|WORLD EYE BHARAT NEWS|
