MBBS में दाखिले के नाम पर 21.90 लाख की ठगी, रायपुर से दो जालसाज गिरफ्तार; 48 मोबाइल और फर्जी डेटा बरामद1 min read
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पठानकोट। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पठानकोट साइबर क्राइम पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट का दिया था झांसायह मामला पठानकोट नगर निगम के एक अधिकारी से जुड़ा है। उनके बेटे ने वर्ष 2025 में NEET की परीक्षा दी थी, जिसके बाद उनके पास ‘द एडमिशन सॉल्यूशन’ नामक काउंसलिंग सेंटर से फोन आने शुरू हुए। ठगों ने पीड़ित परिवार को झांसा दिया कि वे कम फीस में फैजाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट दिलवा देंगे।
झांसे में आकर परिवार ने सितंबर से नवंबर 2025 के बीच नकद, UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए कुल 21.90 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। रकम ऐंठने के बाद आरोपी अपना गुरुग्राम स्थित दफ्तर बंद कर फरार हो गए।
पहचान बदलकर रायपुर में चला रहे थे नया नेटवर्कपुलिस जांच में सामने आया कि गुरुग्राम का ऑफिस बंद करने के बाद आरोपियों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर रायपुर में ‘ब्राइटमार्ग’ नाम से एक नया फर्जी काउंसलिंग सेंटर खोल लिया था। वहाँ भी वे नए छात्रों को अपना शिकार बना रहे थे। शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय है और करीब 10 से 12 अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
बिहार और दिल्ली के रहने वाले हैं आरोपीसाइबर पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को ट्रेस कर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बंटी कुमार तिवारी (निवासी: बिहार) और मोहम्मद जुबेर (निवासी: दिल्ली) के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा बरामद किया गया सामान:
• वाहनों और गैजेट्स: 1 स्कॉर्पियो-N गाड़ी, 3 लैपटॉप और 48 मोबाइल फोन (फर्जी सिम कार्ड के साथ)।
• दस्तावेज: 3 नकली पहचान पत्र, 3 डेबिट कार्ड, ऑफिस डायरियां और मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा छात्रों का फर्जी डेटा।
पठानकोट साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT Act की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
|WORLD EYE BHARAT NEWS|
