सिद्धार्थनगर: मुठभेड़ के बाद पुलिस की गिरफ्त में अपहरणकर्ता, 38 घंटे बाद 10 वर्षीय मासूम बच्ची सकुशल बरामद1 min read
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शोहरतगढ़/खुनुवां (सिद्धार्थनगर): भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में पुलिस और एक शातिर अपहरणकर्ता के बीच मुठभेड़ हो गई। इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से मुख्य आरोपी घायल हो गया, जिसे तुरंत गिरफ्तार कर इलाज के लिए लुम्बिनी प्रादेशिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने महज 38 घंटे के भीतर अपहृत 10 वर्षीय मासूम बच्ची को सकुशल बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
घर में सोते समय हुआ था बच्ची का अपहरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला सीमावर्ती क्षेत्र के तिलोत्तमा नगरपालिका इलाके का है। बुधवार की रात एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची अपने भाई के साथ कमरे में सो रही थी, जबकि उसके दादा-दादी घर के बाहर सोए हुए थे। रात करीब 2 बजे जब परिजन कमरे के भीतर गए, तो बच्ची वहां से गायब थी। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।
38 घंटे तक चला सघन सर्च ऑपरेशन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। बृहस्पतिवार की सुबह से ही पुलिस टीमों ने गांव, सीमाई इलाकों और आसपास के घने जंगलों में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन (तलाशी अभियान) शुरू किया। करीब 38 घंटे की भारी मशक्कत के बाद, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पुलिस ने बच्ची को कान्छी बाजार क्षेत्र के जंगल से सुरक्षित ढूंढ निकाला।
डिजिटल सबूतों से मिला सुराग,
जंगल में हुई मुठभेड़
बालिका की बरामदगी के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर भाग रहा था। पुलिस ने घटनास्थल और बरामदगी स्थल से मिले मोबाइल फोन व अन्य तकनीकी व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी थारू की पहचान की।
रविवार तड़के करीब 1 बजे मुखबिर और डिजिटल इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने जंगल में आरोपी की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई में एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि अपहरण के पीछे की मुख्य वजहों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।
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