बरसात ने खोली भ्रष्टाचार की पोल — घरुआर आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे बच्चे और कार्यकत्री
🔴 बड़ी खबर · बढ़नी, सिद्धार्थनगर · जुलाई 2026
बरसात ने खोली भ्रष्टाचार की पोल — घरुआर आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे बच्चे और कार्यकत्री
ग्राम पंचायत घरुआर (टोला डढ़ऊल) · विकास खंड बढ़नी · 21 जुलाई 2026
लाखों रुपये की मरम्मत के दावों के बावजूद पहली ही बरसात में एक आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिर पड़ा। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद बच्चे और कार्यकत्री सुरक्षित बच गए, लेकिन इस घटना ने पंचायत निधि से हुए मरम्मत कार्य में गड़बड़ी की पोल खोल दी है।
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छत का प्लास्टर गिरा
पढ़ाई के दौरान अचानक
हुई घटना, कोई जनहानि नहीं |
लाखों का भुगतान
2023-24 में मरम्मत के नाम पर
निजी खातों में हुआ भुगतान |
जांच के आदेश
अधिकारियों ने भुगतान व
गुणवत्ता जांच का दिया भरोसा |
क्या है पूरा मामला?
विकास खंड बढ़नी क्षेत्र की ग्राम पंचायत घरुआर (टोला डढ़ऊल) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब केंद्र में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया। प्लास्टर गिरने से पास में रखी प्लास्टिक की कुर्सियां और मेज टूट गईं। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद बच्चे और कार्यकत्री बाल-बाल बच गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद से केंद्र में डर का माहौल है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे केंद्र में कुछ छोटे बच्चे मौजूद थे और उन्हें पढ़ाया जा रहा था, तभी छत का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। बता दें कि इसी भवन में छोटे बच्चों की शिक्षा के अलावा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण तथा राशन वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए जाते हैं।
“ईश्वर का शुक्र है कि प्लास्टर हमारे ऊपर नहीं गिरा और हम सब सुरक्षित बच गए। लेकिन अब इस जर्जर भवन में बैठने से डर लग रहा है।”
— आंगनबाड़ी कार्यकत्री, घरुआर केंद्र
लाखों का भुगतान, फिर भी जर्जर भवन
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2023-24 में पंचायत निधि से इस आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के नाम पर कई ठेकेदार फर्मों और निजी खातों में मजदूरी के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बावजूद पहली ही बरसात में छत से पानी टपकने लगा और प्लास्टर गिर गया, जिसने निर्माण और मरम्मत कार्यों में हुई गड़बड़ी को उजागर कर दिया है।

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🚨 चिंता के विषय
❌ मरम्मत के बावजूद पहली बरसात में ही छत का प्लास्टर गिरा ❌ भवन में पानी टपकने की शिकायत ❌ परिसर के आसपास उगी झाड़ियों से जीव-जंतुओं का खतरा ❌ स्थानीय प्रशासन का सफाई व्यवस्था पर ध्यान न होना |
✅ प्रशासन का आश्वासन
✅ कार्यकत्री को पास के प्राइमरी विद्यालय में केंद्र चलाने का निर्देश ✅ मामले की गंभीरता को देखते हुए DPO को पत्र लिखा जाएगा ✅ मरम्मत के लिए पंचायत सचिव को दिशा-निर्देश जारी होंगे ✅ भुगतान व कार्य गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा |
परिसर में झाड़ियों का अंबार, पनप रहा खतरे का डर
आंगनबाड़ी केंद्र के पास ही पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, जनसेवा केंद्र और प्राइमरी विद्यालय स्थित हैं, जहां रोजाना छोटे बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद परिसर के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं, जहां जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने का खतरा बना रहता है।
अधिकारियों का पक्ष
सीडीपीओ रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि जर्जर भवन में अब बच्चों को बिठाना सुरक्षित नहीं है और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को पास के प्राइमरी विद्यालय में केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए DPO को पत्र लिखा जाएगा। वहीं खंड विकास अधिकारी (BDO) अनिश मणि पांडेय ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के लिए पंचायत सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, साथ ही मरम्मत भुगतान और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
📌 मुख्य बात: घरुआर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पहली बरसात में ही छत का प्लास्टर गिर गया, जबकि मरम्मत के नाम पर पंचायत निधि से लाखों रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके थे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
स्रोत: स्थानीय रिपोर्ट, बढ़नी (सिद्धार्थनगर) · 21 जुलाई 2026।
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।
