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लखनऊ से देहरादून तक फैला नकली दवा सिंडिकेट ध्वस्त — फैक्ट्री पर छापा, बड़ी मात्रा में नकली दवाएं व पैकिंग मशीनें बरामद

🔴 बड़ी खबर · देहरादून, उत्तराखंड

लखनऊ से देहरादून तक फैला नकली दवा सिंडिकेट ध्वस्त — फैक्ट्री पर छापा, बड़ी मात्रा में नकली दवाएं व पैकिंग मशीनें बरामद

FSDA उत्तर प्रदेश · क्राइम ब्रांच गाजियाबाद · FSDA उत्तराखंड · संयुक्त कार्रवाई

लखनऊ के अमीनाबाद में मिले एक नकली दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच आखिरकार देहरादून तक जा पहुंची, जहां एक अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ। डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर तीन राज्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क को बेनकाब किया।

~₹1 करोड़
नकली दवाओं, पैकिंग सामग्री
व मशीनरी का मूल्य
3 एजेंसियां
FSDA UP, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद
व FSDA उत्तराखंड
2 गिरफ्तार
मुख्य सप्लायर सहित
अन्य की तलाश जारी

जांच देहरादून तक कैसे पहुंची?

19 जुलाई 2026 को लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान 43 तरह की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में मिले टैबलेट ‘Flozen AA’ का सैंपल लैब जांच में स्प्यूरियस (नकली) पाया गया। इसके बाद FSDA मुख्यालय ने एक विशेष प्रवर्तन दल गठित किया, जिसने मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद था। FSDA की विशेष टीम ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद की मदद से उसे KW मॉल, राज नगर एक्सटेंशन के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के मोबाइल की डिजिटल फोरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए — व्हाट्सएप चैट में नामी दवा ब्रांडों की नकली स्ट्रिप्स, पैकेजिंग सामग्री, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और निर्माण से जुड़ी तस्वीरें मिलीं।

“अमीनाबाद ऑपरेशन में बरामद टैबलेट ‘Flozen AA’ का सैंपल जांच में नकली पाया गया, जिसके बाद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।”
— डॉ. रोशन जैकब, आयुक्त, FSDA उत्तर प्रदेश

फैक्ट्री से क्या-क्या बरामद हुआ?

आरोपी की निशानदेही पर FSDA उत्तर प्रदेश, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और FSDA उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने देहरादून के ईस्ट होप टाउन, देवीपुर न्यू हाईवे रोड स्थित एक घर में छापा मारा। यहां से एक कमरे में आधुनिक Alu-Alu पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई-वोल्टेज स्टेबलाइजर के साथ-साथ बड़ी मात्रा में अर्ध-निर्मित टैबलेट व कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद हुए।

जांच में यह भी सामने आया कि पैकेजिंग में जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए थे, जिससे आम ग्राहक के लिए असली और नकली दवा में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता। जब्त सामान में Gabapin-100, Zoril M-2 और Cefolac-200 जैसी दवाओं की नकली खेप भी शामिल थी, जो Cipla, Lupin, Dr Reddy’s, Elder, Micro, Mankind, Intas, Abbott, Sun Pharma, Aristo, Macleods और Zydus जैसी नामी कंपनियों के नाम और ब्रांड का दुरुपयोग कर बनाई जा रही थीं।

🚨 फैक्ट्री से बरामद सामान

❌ Alu-Alu पैकिंग व स्ट्रिप मशीन, इंकजेट प्रिंटर

❌ बड़ी मात्रा में अर्ध-निर्मित टैबलेट व कैप्सूल

❌ नामी ब्रांडों की नकली पैकेजिंग सामग्री

❌ 12 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम का दुरुपयोग

✅ प्रशासन की कार्रवाई

✅ मुख्य सप्लायर गाजियाबाद से गिरफ्तार

✅ तीन एजेंसियों की संयुक्त छापेमारी

✅ ~₹1 करोड़ मूल्य का सामान जब्त

✅ गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश के जिलों से क्या है कनेक्शन?

यह देहरादून फैक्ट्री उसी बड़े नेटवर्क की कड़ी मानी जा रही है, जो लखनऊ के अमीनाबाद और अलमबाग इलाकों में हुई बरामदगियों से जुड़ा है। FSDA पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि नकली दवाओं का यह कारोबार लखनऊ तक सीमित नहीं, बल्कि आगरा, गोंडा, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, गोरखपुर और वाराणसी सहित राज्य के कई जिलों से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि देहरादून से तैयार नकली दवाएं किन-किन जिलों में सप्लाई की जा रही थीं।

घटनाक्रम

📅 समयरेखा

📝 19 जुलाई 2026 — अमीनाबाद थाने में मामला दर्ज, 43 तरह की नकली दवाएं बरामद

🔬 इसके बाद — ‘Flozen AA’ सैंपल जांच में नकली पाया गया

🕵️ जांच के दौरान — डिजिटल साक्ष्यों से मुख्य सप्लायर गाजियाबाद में चिन्हित

🚔 22 जुलाई 2026 — मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद से गिरफ्तार

🏭 इसके बाद — देहरादून के ईस्ट होप टाउन में फैक्ट्री पर संयुक्त छापेमारी, नकली दवाएं व मशीनरी बरामद

📌 मुख्य बात: लखनऊ के अमीनाबाद में मिले एक नकली दवा सैंपल से शुरू हुई जांच डिजिटल साक्ष्यों के जरिए देहरादून तक जा पहुंची, जहां FSDA उत्तर प्रदेश, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और FSDA उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने एक अवैध दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। करीब ₹1 करोड़ मूल्य की नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और मशीनरी बरामद हुई, और यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों से जुड़ा हुआ पाया गया है।

स्रोत: ANI · News Track · ProKerala · PTI (Edinburg Post) · फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड।

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है। नोट: जब्ती की कीमत को लेकर सभी सत्यापित स्रोतों में ~₹1 करोड़ का आंकड़ा दिया गया है।

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