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20 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक को High Court के आदेश पर अस्पताल भेजा

🔴 ब्रेकिंग · 18-19 जुलाई 2026 · जंतर मंतर, नई दिल्ली

20 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक को High Court के आदेश पर अस्पताल भेजा — CJP ने बताया “अपहरण”, पत्नी अस्पताल में मौजूद, अभिजीत डिपके का अनशन शुरू

जंतर मंतर पर 20 दिनों से अनशन पर बैठे वांगचुक को 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। CJP का संसद मार्च 20 जुलाई को तय है। 1.5 लाख छात्र जुड़ने का दावा। पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।

CJP · NEET आंदोलन · लद्दाख राज्यत्व · जंतर मंतर · 18-19 जुलाई 2026

20 दिन

28 जून से अनशन
सफदरजंग में भर्ती

20 जुलाई

CJP का संसद मार्च
1.5 लाख छात्र दावा

HC आदेश

High Court के निर्देश पर
अस्पताल भेजा गया

🚨 ताज़ा अपडेट: वांगचुक की पत्नी गितांजलि जे अंगमो सफदरजंग अस्पताल में उनके साथ हैं। उन्होंने कहा — “उन्हें बिना हमारी सहमति के कोई दवा न दी जाए।” CJP संस्थापक अभिजीत डिपके ने ऐलान किया — “सरकार ने गंभीर गलती की है” — और अनशन शुरू कर दिया।

18 जुलाई को क्या हुआ — पूरी कहानी

18 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया। पुलिस ने कहा कि उनकी सेहत बिगड़ रही थी और अस्पताल के पास ले जाते वक्त कुछ प्रदर्शनकारियों ने रोकने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफरातफरी हुई।

दिल्ली पुलिस के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि वांगचुक को High Court के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर “ज़रूरी चिकित्सा देखभाल” के लिए सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। लेकिन CJP ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार ने वांगचुक को उनकी और उनके परिवार की सहमति के बिना “जबरन अगवा” किया।

वांगचुक की पत्नी गितांजलि जे अंगमो ने X पर लिखा कि वे अस्पताल में पति के साथ हैं और उन्होंने साफ कहा — “पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत देख रहे हमारे डॉक्टरों, परिवार और मेरी सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नस में कुछ भी नहीं दिया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि वे “सरकार की इस चिंता के लिए शुक्रगुज़ार” हैं, लेकिन आगे के फैसले वे खुद लेंगे।

“सरकार ने एक गंभीर गलती की है। आज से मेरा अनिश्चितकालीन अनशन शुरू।”अभिजीत डिपके, संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी

“सरकार ने एक गंभीर गलती की है। आज से मेरा अनिश्चितकालीन अनशन शुरू।”

CJP आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?

कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म मई 2026 में हुआ, जब भारत के सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ने कुछ बेरोज़गार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की। शुरुआत में यह आंदोलन ऑनलाइन व्यंग्यात्मक मीम्स तक सीमित था। लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया।

28 जून 2026 को जब सोनम वांगचुक ने जंतर मंतर पर अनशन शुरू किया — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर — तब से सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता जंतर मंतर पर जमा होने लगे। यह आंदोलन मुख्यतः NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ था।

🎯 CJP की मुख्य मांगें

❶ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
❷ NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच
❸ प्रभावित छात्रों को न्याय
❹ (बाद में जोड़ी गई) PM मोदी का इस्तीफा
20 जुलाई को संसद तक मार्च

👥 आंदोलन का आकार

1,50,000 से अधिक छात्रों ने मिस्ड कॉल और ऑनलाइन अभियान से जुड़ने का दावा किया
28 जून से जंतर मंतर पर धरना जारी
देशभर में विरोध प्रदर्शनों का आह्वान
20 जुलाई को संसद मार्च की योजना

वांगचुक कौन हैं — और वे CJP से कब जुड़े?

सोनम वांगचुक (59 वर्ष) लद्दाख के एक प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरणविद हैं। वे आमिर खान अभिनीत फिल्म “3 इडियट्स” के पात्र “फुंसुख वांगड़ू” के प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते हैं। वे रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता भी हैं।

वांगचुक मूल रूप से लद्दाख को राज्यत्व और छठी अनुसूची का दर्जा दिलाने के लिए वर्षों से लड़ रहे हैं। 28 जून 2026 को उन्होंने जंतर मंतर पर अनशन शुरू किया — इस बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET घोटाले पर न्याय की मांग को लेकर — और वे CJP आंदोलन के साथ खड़े हो गए।

दोनों पक्षों की बात — क्या सच, क्या विवादित?

🏛️ सरकार/पुलिस का कहना

✅ High Court के आदेश पर अस्पताल भेजा गया
✅ डॉक्टरों की सलाह के बाद कदम उठाया
✅ 20 दिन से बिगड़ती सेहत देखकर फैसला
✅ यह “ज़रूरी चिकित्सा हस्तक्षेप” था

📢 CJP/वांगचुक पक्ष का कहना

❌ परिवार या खुद वांगचुक की सहमति नहीं ली गई
❌ ले जाने से पहले कोई डॉक्टर नहीं आया था
❌ 20 जुलाई के संसद मार्च को रोकने की कोशिश
❌ यह एक “बढ़ते आंदोलन को दबाने” की साजिश है

अभिजीत डिपके कौन हैं?

अभिजीत डिपके बोस्टन विश्वविद्यालय के छात्र हैं और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हैं। वे इस आंदोलन का चेहरा बन चुके हैं। शुरुआत में CJP केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो CJP ने अपनी मांगें बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग शुरू कर दी।

वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद डिपके ने खुद अनशन पर बैठने का ऐलान किया और देशभर में विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया। CJP ने आधिकारिक तौर पर एक “पूर्व नियोजित, टकराव वाली रणनीति” की घोषणा की है — 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की गंभीर चिंता उठ रही है।

घटनाक्रम — पूरी टाइमलाइन

📅 मई 2026 से अब तक — पूरा घटनाक्रम

📌 मई 2026सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बेरोज़गार युवाओं को “कॉकरोच” कहा → CJP का जन्म ऑनलाइन मीम्स से हुआ
📌 मई 2026 — NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द; पेपर लीक साबित; CBI जांच शुरू
📌 जून 2026CJP की मांग शुरू: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
📌 28 जून 2026वांगचुक ने जंतर मंतर पर अनशन शुरू किया; सैकड़ों छात्र जमा होने लगे
📌 जुलाई 2026 (शुरू)CJP की मांगें बढ़ीं — PM मोदी के इस्तीफे की भी मांग जोड़ी गई
📌 16 जुलाई 2026वांगचुक अनशन के 18वें दिन भी जंतर मंतर पर डटे रहे
📌 18 जुलाई 2026HC आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर पुलिस ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल भेजा
📌 18 जुलाई 2026CJP ने इसे “अपहरण” बताया; पत्नी गितांजलि अस्पताल पहुँचीं; अभिजीत डिपके का अनशन शुरू
📌 20 जुलाई 2026CJP का संसद मार्च तय; सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर

NEET घोटाला — CJP आंदोलन की जड़

इस पूरे आंदोलन की जड़ में है NEET-UG 2026 पेपर लीक कांड। 3 मई 2026 को परीक्षा हुई। 12 मई को NTA ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी — क्योंकि साबित हो गया कि पेपर पहले से लीक था। 2.3 करोड़ छात्रों के सपने टूटे। CBI जांच में सामने आया कि कुछ छात्रों ने लीक प्रश्नों के लिए ₹15 लाख तक चुकाए। 21 जून को दोबारा परीक्षा हुई — लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

CJP का तर्क है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ, इसलिए उन्हें नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। सरकार ने इस मांग को नकार दिया है।

वांगचुक का लद्दाख आंदोलन — संक्षिप्त पृष्ठभूमि

2026 के CJP आंदोलन से जुड़ने से पहले वांगचुक वर्षों से लद्दाख के लिए लड़ रहे थे। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) पिछले चार वर्षों से लद्दाख के लिए राज्यत्व, छठी अनुसूची, सार्वजनिक सेवा आयोग और लेह-कारगिल के लिए अलग लोकसभा सीटों की मांग कर रहे हैं।

🕐 वांगचुक के पिछले आंदोलन

मार्च 2024 — 21 दिन की भूख हड़ताल लेह में
सितंबर-अक्टूबर 2024 — “चलो दिल्ली” पदयात्रा; सिंघु बॉर्डर पर रोका गया
सितंबर 2025 — 35 दिन की भूख हड़ताल; लेह में हिंसा; 4 की मौत
सितंबर 2025 — गिरफ्तारी; बाद में रिहाई
जून-जुलाई 2026 — CJP के साथ जंतर मंतर पर 20 दिन का अनशन

🏔️ लद्दाख की मांगें

✅ लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा
✅ छठी अनुसूची में शामिल करना
✅ स्थानीय भूमि, नौकरियों की सुरक्षा
✅ लद्दाख सार्वजनिक सेवा आयोग
✅ लेह और कारगिल के लिए अलग लोकसभा सीटें

20 जुलाई का संसद मार्च — क्या होगा?

CJP ने आधिकारिक रूप से 20 जुलाई 2026 को संसद भवन की ओर मार्च की घोषणा की है। पार्टी का दावा है कि 1.5 लाख से अधिक छात्र मिस्ड कॉल और ऑनलाइन अभियान के ज़रिए उनसे जुड़ चुके हैं। इससे राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता उठ रही है।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। जंतर मंतर के आसपास बैरिकेड और भारी पुलिस तैनात है। सरकार की तरफ से अभी तक कोई वार्ता का प्रस्ताव नहीं आया है।

📌 मुख्य सवाल: क्या 20 जुलाई का संसद मार्च शांतिपूर्ण रहेगा? क्या सरकार CJP से बातचीत करेगी? क्या वांगचुक अनशन जारी रखेंगे? यह एक विकासशील खबर है — हर घंटे नए अपडेट आ रहे हैं।

स्रोत: Al Jazeera · NBC News · Deccan Herald · Tribune India · The Hindu · Careers360 · Organiser — 18-19 जुलाई 2026। यह एक विकासशील खबर है।

यह मूल हिंदी लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सभी पक्षों की बातें निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत की गई हैं। यह किसी भी राजनीतिक दल या आंदोलन का समर्थन नहीं करता।

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