सिद्धार्थनगर में शोक: कठेला समय माता थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मान सिंह का हार्ट अटैक से निधन, पुलिस विभाग में दौड़ी शोक की लहर!1 min read
सिद्धार्थनगर
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जनपद के कठेला समय माता थाने में तैनात उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) मान सिंह का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने के कारण आकस्मिक निधन हो गया। कर्तव्य पथ पर तैनात एक जांबाज पुलिस अधिकारी की अचानक मौत की खबर से स्थानीय पुलिस महकमे और उनके गृह जनपद में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुख व्यक्त किया और परिजनों को सूचित करते हुए आगे की आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
📍 घटना का मुख्य बिंदु: ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर मान सिंह पिछले कुछ समय से सिद्धार्थनगर के कठेला समय माता थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे:
- अचानक आया हार्ट अटैक: बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेसुध हो गए। जब तक उन्हें चिकित्सीय सहायता दी जाती, तब तक उनका निधन हो चुका था। डॉक्टरों ने कथित तौर पर मौत की वजह गंभीर दिल का दौरा (Severe Heart Attack) होना बताया है।
- गोरखपुर से हुआ था तबादला: विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर मान सिंह का साल 2025 में गोरखपुर जिले से सिद्धार्थनगर जिले में ट्रांसफर हुआ था, जिसके बाद से वे यहाँ पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे थे।
🏠 मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे मान सिंह
जांच और सहकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, दिवंगत पुलिस अधिकारी का परिवार उत्तर प्रदेश के ही दूसरे क्षेत्र से ताल्लुक रखता है:
- बलिया में पैतृक निवास: सब-इंस्पेक्टर मान सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासी थे।
- शोक में डूबा परिवार: उनकी आकस्मिक मृत्यु की सूचना जैसे ही बलिया में उनके पैतृक घर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। सिद्धार्थनगर पुलिस प्रशासन ने उनके पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह जनपद भेजने की व्यवस्था शुरू कर दी है।
(Disclaimer: यह खबर स्थापित स्थानीय मीडिया सोर्सेज और पुलिस विभाग से प्राप्त प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर बनाई गई है। इस खबर में दिए गए तथ्यों और दावों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
