कासगंज: संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित1 min read
स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- हड़ताल का असर: कासगंज में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार (हड़ताल) पर जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
- परेशानी: जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- मुख्य मांगें: नियमितीकरण, मानदेय बढ़ाने और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
कासगंज:
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं उस समय चरमरा गईं जब विभिन्न मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर बैठ गए। संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाएं तक ठप सी हो गई हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की मुश्किलें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संविदा पर कार्यरत फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय और अन्य तकनीकी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पतालों में कामकाज ठप हो गया है। पर्चा काउंटर, पैथोलॉजी जांच, और दवा वितरण केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है या लंबी कतारें लगी हुई हैं। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार न मिलने के कारण उनके तीमारदार खासे परेशान नजर आ रहे हैं।
कर्मचारियों की मांगें और प्रशासन का रुख
हड़ताल कर रहे संविदा कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी उचित मांगों जैसे मानदेय में वृद्धि, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था करने और कर्मचारियों से वार्ता कर जल्द ही सेवाएं सुचारू रूप से बहाल कराने का प्रयास कर रहे हैं।
(सोर्स: स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएं)
(डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय मीडिया सोर्सेज और प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। इस खबर में दिए गए तथ्यों और दावों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
