जोधपुर: यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, कॉलेज प्रशासन ने तुरंत बर्खास्त किया1 min read
क्राइम एवं शिक्षा ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- बड़ी कार्रवाई: जोधपुर की एक यूनिवर्सिटी में कार्यरत सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) को छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
- तत्काल बर्खास्तगी: छात्रों के उग्र प्रदर्शन और शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर को तुरंत प्रभाव से सेवा से बर्खास्त (Sacked) कर दिया है।
- डिजिटल सबूत और रिमांड: पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है; उसके मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
विस्टृत समाचार (Detailed News):
जोधपुर:
राजस्थान के जोधपुर स्थित एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से शैक्षणिक जगत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी की कई छात्राओं द्वारा एक सहायक प्रोफेसर पर लगातार उत्पीड़न, अभद्र भाषा के प्रयोग और अनुचित दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया।
क्या हैं आरोप और सबूत?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्राओं ने शिकायत में बताया कि आरोपी प्रोफेसर पिछले कुछ महीनों से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से आपत्तिजनक मैसेज भेज रहा था। इसके अलावा, उन पर व्यक्तिगत संबंध बनाने का दबाव डाला जा रहा था और अकादमिक प्रदर्शन (रिजल्ट व मार्किंग) का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही थी। छात्राओं ने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को पुख्ता डिजिटल सबूत और चैट के स्क्रीनशॉट भी सौंपे थे।
छात्रों का प्रदर्शन और यूनिवर्सिटी का एक्शन
मामला तब तूल पकड़ा जब शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कैंपस में एकत्र होकर वीसी (Vice-Chancellor) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) ने तुरंत संज्ञान लिया और एक आंतरिक जांच कमेटी का गठन करते हुए आरोपी प्रोफेसर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।
पुलिस जांच जारी
करवड़ थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है, जिसके दौरान उसके मोबाइल फोन से डिलीट या अन्य डेटा की रिकवरी कर तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी।
(सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया और स्थानीय पुलिस रिपोर्ट्स से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएं)
(डिस्क्लेमर: यह खबर मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस के प्रारंभिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। इस मामले में पुलिस जांच और विधिक प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही अंतिम तथ्य सामने आएंगे।)
