कानपुर में बड़ा हादसा: गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग विमान क्रैश, इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत
कानपुर में बड़ा हादसा: गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग विमान क्रैश, इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गंगा बैराज के पास एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट, दोनों की मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 11:20 बजे कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र अंतर्गत नत्थापुरवा (नत्था खेड़ा) गांव के पास हुआ। एक निजी एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से चार सीटर डुअल इंजन टेकनम विमान ने करीब 11:30 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के महज कुछ मिनट बाद ही, करीब 11:50 बजे, विमान अनियंत्रित होकर तेज आवाज के साथ सीधे जमीन पर आ गिरा।
मृतकों की पहचान
कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में इंस्ट्रक्टर पायलट सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी सवार थे। सचिन भाटिया मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे, जबकि ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक के निवासी थे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
विमान के जमीन पर गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के इलाके में रहने वाले लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और मोर्चा संभाला। खुद पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे हादसे का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने राहत कार्य में जुटकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
जांच के आदेश, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान किस तकनीकी खराबी या अन्य वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ। संबंधित एविएशन प्राधिकरण और पुलिस दोनों ही इस हादसे के पीछे की असल वजह जानने के लिए जांच में जुट गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या मौसम अथवा किसी अन्य कारण से।
ट्रेनिंग एविएशन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर निजी एविएशन ट्रेनिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी प्रशिक्षण उड़ान से पहले विमान की तकनीकी जांच, रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर अब जांच एजेंसियां गहनता से पड़ताल कर सकती हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने दोनों पायलटों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गुजरात और कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों युवा पायलटों की असमय मौत ने उनके परिजनों और साथी प्रशिक्षुओं को गहरा दुख पहुंचाया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से आगे की औपचारिक प्रक्रिया और परिजनों को सूचित करने का काम किया जा रहा है।
(यह रिपोर्ट विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित है। हादसे की सटीक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।)
