भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ईरान के एनएसए से की बात, हॉर्मोज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के बाद उठाए गंभीर मुद्दे1 min read
अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- उच्चस्तरीय वार्ता: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई से फोन पर बातचीत की।
- मुख्य मुद्दा: हॉर्मोज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा।
- भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: हमलों के दौरान प्रभावित हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा और लापता नाविकों की तलाश पर भारत ने जताई चिंता।
विस्टृत समाचार (Detailed News):
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मोज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई के साथ टेलीफोन पर अहम बातचीत की है। इस दौरान दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
जहाजों पर हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा
यह उच्चस्तरीय बातचीत ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में मालवाहक और व्यावसायिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में हॉर्मोज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुए हमलों की वजह से कई जहाजों को क्षति पहुंची है। इन घटनाओं में कुछ भारतीय नाविकों के हताहत होने और कुछ के लापता होने की खबरें सामने आई हैं। भारतीय पक्ष ने वाणिज्यिक नौवहन (Commercial Shipping) पर हमलों को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
ईरान की कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा सुरक्षा निर्देशों का पालन न करने वाले जहाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बाद यह कूटनीतिक संपर्क बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर अपने नाविकों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है। इस बातचीत से कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर आगे भी संवाद जारी रहेगा।
(सोर्स: द हिंदू, द इकोनॉमिक टाइम्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएं)
(डिस्क्लेमर: यह खबर मीडिया सोर्सेज और प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। इस खबर में दिए गए तथ्यों और कूटनीतिक बौरों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
