CJP के ‘चलो संसद’ मार्च स्थल पर दिल्ली पुलिस की स्क्रीनिंग में बड़ा खुलासा — 989 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड, हत्या व दुष्कर्म के आरोपी भी शामिल
🔴 बड़ी खबर · नई दिल्ली · जुलाई 2026
CJP के ‘चलो संसद’ मार्च स्थल पर दिल्ली पुलिस की स्क्रीनिंग में बड़ा खुलासा — 989 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड, हत्या व दुष्कर्म के आरोपी भी शामिल
जंतर-मंतर, नई दिल्ली · दिल्ली पुलिस · 27 जुलाई 2026
“कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन और 20 जुलाई की हिंसा की जांच के बीच दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम और तकनीकी माध्यमों से की गई जांच में जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे हजारों लोगों में से सैकड़ों का आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिनमें हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों के आरोपी भी शामिल हैं।
|
2,873 लोग
20-25 जुलाई के बीच
प्रदर्शन स्थल पर स्क्रीन किए गए |
989 लोग
गंभीर आपराधिक
रिकॉर्ड वाले पाए गए |
101 हत्या के आरोपी
इनमें से कई
दोहराए गए अपराधी |
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे 2,873 पुरुषों की पहचान फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRT) और अन्य तकनीकी माध्यमों से की गई है, जिनका आपराधिक बैकग्राउंड पाया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन लोगों की 20 जुलाई को हुई हिंसा और जंतर-मंतर के आसपास हुई अन्य घटनाओं में कोई भूमिका थी। सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ लोग बार-बार प्रदर्शन स्थल पर लौटते देखे गए।
पुलिस के अनुसार इन 2,873 लोगों में से 989 लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज मिले हैं। इनमें 101 लोग हत्या, 62 हत्या के प्रयास, 284 लूट/डकैती, 61 दुष्कर्म (रेप), 6 पॉक्सो एक्ट (नाबालिगों से जुड़े यौन अपराध), 25 महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़/अपराध, 229 आर्म्स एक्ट उल्लंघन, 135 छीना-झपटी, 19 अपहरण और 67 NDPS/नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल पाए गए हैं।
“डेटा से यह भी पता चलता है कि इनमें से अधिकांश लोग किसी इकलौते मामले के बजाय आदतन और बार-बार अपराध करने वाले हैं।”
— दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से जारी बयान
कितने हैं दोहराए गए अपराधी?
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पहचाने गए संदिग्धों में बड़ी संख्या दोहराए गए (रिपीट) अपराधियों की है। हत्या के मामलों में शामिल 101 में से 42 लोगों पर दो या अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 12 लोगों पर दस या उससे अधिक मामले दर्ज हैं। हत्या के प्रयास के मामलों में 25 लोगों पर दो या अधिक मामले दर्ज हैं। लूट-डकैती के मामलों में 155 लोग दो या अधिक मामलों में शामिल हैं, जिनमें से 31 पर दस या अधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा दुष्कर्म के 8, छेड़छाड़ के 6 और NDPS के 9 आरोपी भी दो या अधिक मामलों में शामिल पाए गए हैं।
|
📊 अपराध श्रेणीवार आंकड़े
🔹 हत्या — 101 (42 दो या अधिक मामलों में, 12 दस या अधिक में) 🔹 हत्या का प्रयास — 62 (25 दो या अधिक मामलों में) 🔹 लूट/डकैती — 284 (155 दो या अधिक, 31 दस या अधिक में) 🔹 दुष्कर्म — 61 (8 दो या अधिक मामलों में) |
📊 अन्य श्रेणियां
🔹 पॉक्सो एक्ट — 6 🔹 महिलाओं के खिलाफ अपराध/छेड़छाड़ — 25 (6 दो या अधिक में) 🔹 आर्म्स एक्ट — 229, छीना-झपटी — 135, अपहरण — 19 🔹 NDPS/नशीले पदार्थ — 67 (9 दो या अधिक मामलों में) |
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कड़ी नजर
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों वाले पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश दिए थे। पुलिस के सोशल मीडिया निगरानी दल ने ऐसी आपत्तिजनक सामग्री की पहचान कर संबंधित प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए, जिसके बाद कई पोस्ट हटाए गए। पुलिस की साइबर टीमें अब भी इस पर निगरानी जारी रखे हुए हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि — 37 दिन का संघर्ष खत्म
यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब युवा आंदोलन “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चला 37 दिनों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन हाल ही में खत्म हुआ है। बढ़ते जनाक्रोश को थामने के लिए केंद्र सरकार ने कई तेज फैसले लिए — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सरकार और CJP के बीच बातचीत के तीन दौर, और पेपर लीक गिरोहों पर लगाम कसने के लिए संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पेश किया जाना शामिल है। इन रियायतों के तुरंत बाद CJP ने जंतर-मंतर से अपना धरना वापस ले लिया।
हालांकि इस समझौते ने संसद में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी (SP) के नेतृत्व में विपक्ष सरकार और CJP के बीच हुए समझौते की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है और यह जानना चाहता है कि आखिर क्या आश्वासन दिए गए, छात्र प्रदर्शनकारियों को अब भी पुलिसिया कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है, और सरकार छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर सदन में औपचारिक जवाब देने से क्यों बच रही है।
“यह कैसा आश्वासन था?”
— अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष, CJP समझौते की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए
20 जुलाई की हिंसा में कितने घायल हुए थे?
दिल्ली पुलिस के अनुसार 20 जुलाई की झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिनमें विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और सहायक आयुक्त रैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। वहीं करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है।
घटनाक्रम
📅 समयरेखा
🏛️ 20 जुलाई — ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हिंसा, 118+ पुलिसकर्मी व 60 प्रदर्शनकारी घायल
🔍 20-25 जुलाई — फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों की स्क्रीनिंग
✅ 25 जुलाई — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP ने धरना वापस लिया
📜 सोमवार — संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पेश
📢 27 जुलाई 2026 — पुलिस ने 989 आपराधिक रिकॉर्ड धारकों की पहचान की पुष्टि की
📌 मुख्य बात: दिल्ली पुलिस ने CJP के ‘चलो संसद’ आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे 2,873 लोगों में से 989 का आपराधिक रिकॉर्ड होने की पुष्टि की है, जिनमें हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच रही है कि क्या इन लोगों की 20 जुलाई की हिंसा में कोई भूमिका थी। यह खुलासा आंदोलन की समाप्ति और सरकार-CJP समझौते को लेकर संसद में जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।
स्रोत: ANI · Deccan Herald · Webindia123 · 27 जुलाई 2026।
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है। आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े सभी आंकड़े पुलिस सूत्रों पर आधारित हैं; जांच अभी जारी है।
