डुमरियागंज: इटवा रोड पर धार्मिक मूर्तियों पर पथराव की अफवाह का पुलिस ने किया खंडन, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में दी सफाई1 min read
क्राइम एवं प्रशासनिक ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- वायरल वीडियो का सच: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में इटवा रोड के पास धार्मिक मूर्तियों पर पथराव किए जाने की सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और वीडियो को पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
- पुलिस का आधिकारिक बयान: पुलिस ने जांच के बाद स्पष्ट किया है कि इस तरह की कोई भी घटना नहीं घटी है और वायरल हो रहा वीडियो पूरी तरह भ्रामक और असत्य है।
- पूर्व विधायक की मौजूदगी: स्थिति को संभालने और अफवाहों पर विराम लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की उपस्थिति में स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर):
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत इटवा रोड पर धार्मिक मूर्तियों पर पथराव और तोड़फोड़ किए जाने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी। इस सनसनीखेज खबर के फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और लोग सड़कों पर एकत्र होने लगे। हालांकि, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाल लिया और स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक अफवाह है।
क्या थी पूरी अफवाह और पुलिस की जांच?
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कुछ लोगों द्वारा दावा किया जा रहा था कि इटवा रोड के पास किसी अज्ञात असामाजिक तत्व द्वारा धार्मिक मूर्तियों पर पथराव किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ फॉरेंसिक जांच भी कराई। जांच में सामने आया कि मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां किसी भी प्रकार की पत्थरबाजी या उपद्रव की घटना नहीं हुई है।
पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की अफवाह या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह को भी स्थिति से अवगत कराया। पूर्व विधायक की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के गणमान्य लोगों के साथ एक शांति समिति की बैठक की।
बैठक के दौरान पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले वीडियो या संदेश शेयर करने वालों की पहचान की जा रही है, और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (IT Act) की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति और पूरी तरह अमन-चैन का माहौल है।
(सोर्स: सिद्धार्थनगर पुलिस प्रशासन, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयान)
(डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस-प्रशासनिक स्पष्टीकरण और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक संदेश को साझा करने से बचें।)
