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ED की अब तक की सबसे बड़ी कोयला माफिया कार्रवाई — धनबाद समेत 40+ ठिकानों पर छापा, ₹600 करोड़ से अधिक1 min read

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🔴 बड़ी खबर · ईडी की छापेमारी · झारखंड-पश्चिम बंगाल

ED की अब तक की सबसे बड़ी कोयला माफिया कार्रवाई — धनबाद समेत 40+ ठिकानों पर छापा, ₹600 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश

सुबह 6 बजे एक साथ 100 से अधिक ED अधिकारियों ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। नकद, सोना, ज़मीन के दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत बरामद। एक घर में अधिकारियों को रोकने के लिए पालतू कुत्ते भी छोड़े गए।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) · PMLA · धनबाद, कतरास, झरिया, लोधना · दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा, कोलकाता

₹600 करोड़+

मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क
की जांच

40+ ठिकाने

दो राज्यों में एक साथ
100+ अधिकारी तैनात

₹10 करोड़+

नकद और सोना
बरामद

🚨 सबसे चौंकाने वाली घटना: धनबाद में कोयला कारोबारी L.B. Singh के आवास पर जब ED टीम पहुंची तो परिवार ने पालतू कुत्ते छोड़ दिए ताकि अधिकारी घर के अंदर न जा सकें। सुरक्षाबलों की मदद से कुत्तों को हटाकर तलाशी की गई। Singh परिवार पर BCCL टेंडर घोटाले में CBI पहले भी कार्रवाई कर चुकी है।

क्या हुई इस बड़ी कार्रवाई में?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की। यह ऑपरेशन सुबह 6 बजे शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा। 100 से अधिक ED अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान में शामिल रहे।

टीमों ने आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, टोल संग्रह बूथों और चेकपोस्टों पर एक साथ छापे मारे। केंद्रीय सुरक्षाबलों की टीमें ED अधिकारियों की सुरक्षा के लिए साथ तैनात थीं। झारखंड में धनबाद, कतरास, झरिया और लोधना इलाकों में यह छापेमारी हुई — जो हाल के वर्षों में अवैध कोयला व्यापार पर झारखंड की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

क्या-क्या बरामद हुआ?

🔴 झारखंड में बरामदगी

💵 ₹2.2 करोड़ नकद बरामद
📄 120 भूमि दस्तावेज़ (ज़मीन की रजिस्ट्री) जब्त
💰 ₹100 करोड़ बैंक जमा फ्रीज
🏘️ ₹500 करोड़ संपत्ति की पहचान (ज़मीन व अचल संपत्ति)

📱 मोबाइल, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस जब्त
📋 वित्तीय दस्तावेज़ और हिसाब-किताब के रिकॉर्ड

🟠 पश्चिम बंगाल में बरामदगी

💵 ₹8 करोड़ से अधिक नकद और सोना-जेवरात बरामद
📍 दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा, कोलकाता में छापे
🏢 अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े ठिकाने
📋 वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज़ जब्त

💰 कुल बरामदगी का सारांश

💵 नकद (दोनों राज्य मिलाकर): ₹10 करोड़ से अधिक
🥇 सोना-जेवरात: ₹8 करोड़ (पश्चिम बंगाल) शामिल
🏦 बैंक जमा फ्रीज: ₹100 करोड़ से अधिक
🏘️ संपत्ति (ज़मीन व अचल): ₹500 करोड़ की पहचान
📄 भूमि दस्तावेज़: 120+ रजिस्ट्री दस्तावेज़ जब्त
🔍 कुल जांच का दायरा: लगभग ₹600 करोड़ का वित्तीय ट्रेल

किन लोगों पर हुई कार्रवाई?

ED की इस कार्रवाई में झारखंड और पश्चिम बंगाल — दोनों जगह बड़े नाम सामने आए हैं।

🏴 झारखंड — प्रमुख आरोपी

🔸 अनिल गोयल — कोयला कारोबारी
🔸 संजय उद्योग — व्यावसायिक संस्था
🔸 L.B. Singh — धनबाद के प्रमुख कोयला व्यापारी (जिनके घर कुत्ते छोड़े गए)
🔸 अमर मंडल — कोयला नेटवर्क से जुड़े

🏴 पश्चिम बंगाल — प्रमुख आरोपी

🔸 नरेंद्र खरका
🔸 युधिष्ठिर घोष
🔸 कृष्ण मुरारी कयाल
🔸 चिन्मयी मंडल
🔸 राजकिशोर यादव
🔸 अन्य सहयोगी

यह अवैध कोयला नेटवर्क कैसे काम करता था?

जांच अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क में अवैध कोयला निष्कर्षण, अनधिकृत परिवहन और वसूली शामिल थी — जिसके कारण कई वर्षों में सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।

प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि इस नेटवर्क में करोड़ों रुपये की कर चोरी और बड़े पैमाने पर काले धन का प्रसार था। कोल बेल्ट में एक समानांतर नकद अर्थव्यवस्था चल रही थी, जहां अवैध कमाई को वैध व्यवसायों के माध्यम से सफेद किया जा रहा था।

⚙️ नेटवर्क कैसे काम करता था

⛏️ चरण 1: सरकारी खदानों (BCCL आदि) से अवैध रूप से कोयला निकाला जाता था
🚛 चरण 2: टोल बूथ और चेकपोस्ट पर रिश्वत देकर अनधिकृत परिवहन होता था
💰 चरण 3: वसूली नेटवर्क के ज़रिए ट्रक मालिकों और ठेकेदारों से “हफ्ता” लिया जाता था
🏢 चरण 4: काली कमाई को ज़मीन खरीद, व्यवसाय और बैंक जमा में लगाया जाता था
🧹 चरण 5: मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिए काला धन “सफेद” दिखाया जाता था

धनबाद में कुत्तों वाला नाटक — पूरी कहानी

इस पूरी कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली घटना धनबाद में हुई, जहां प्रमुख कोयला व्यापारी L.B. Singh के आवास पर ED टीम पहुंची। जब अधिकारी परिसर में दाखिल होने लगे तो परिवार ने ED अधिकारियों को रोकने के लिए पालतू कुत्ते छोड़ दिए। जानवर कई मिनट तक परिसर में घूमते रहे, जिससे सुरक्षा दल को हस्तक्षेप करना पड़ा — इसके बाद ही ऑपरेशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ सका।

L.B. Singh परिवार की प्रवर्तन एजेंसियों से पुरानी पहचान है। लगभग एक दशक पहले BCCL टेंडर घोटाले की जांच के दौरान CBI ने भी उनकी संपत्तियों पर छापेमारी की थी। इस बार ED ने PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम) के तहत कार्रवाई की।

राजनीतिक कड़ियां भी जांच के दायरे में

ED की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस नेटवर्क के राजनीतिक लिंक कहाँ तक जाते हैं। झारखंड में कोयला माफिया और राजनीति के रिश्ते पुराने हैं। यह कार्रवाई उस समय और महत्वपूर्ण हो जाती है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि देश में कोयला चोरी बर्दाश्त नहीं होगी और कोयला माफिया से सख्ती से निपटा जाएगा।

जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ कोयला चोरों तक सीमित नहीं था — इसमें ट्रांसपोर्टर, टोल ऑपरेटर, चेकपोस्ट कर्मी और स्थानीय प्रभावशाली लोग भी शामिल थे। गिरफ्तारियों के लिए अगले चरण की तैयारी चल रही है।

घटनाक्रम — टाइमलाइन

📅 छापेमारी का घटनाक्रम

🌅 सुबह 6:00 बजे — 40+ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू
🐕 सुबह (धनबाद) — L.B. Singh के घर कुत्ते छोड़े गए, सुरक्षाबलों ने हटाया
💰 दोपहर तक — झारखंड से ₹2.2 करोड़ नकद और 120 ज़मीन दस्तावेज़ बरामद
🥇 दोपहर तक — पश्चिम बंगाल से ₹8 करोड़ से अधिक नकद और सोना बरामद
🔒 शाम तक — बैंक खाते फ्रीज, डिजिटल साक्ष्य जब्त
🔍 अगला चरण — गिरफ्तारियों की तैयारी, राजनीतिक लिंक की जांच जारी

आगे क्या होगा?

ED ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई कई चरणों में होगी। बरामद दस्तावेज़ों, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद संपत्ति की कुर्की और गिरफ्तारियां की जाएंगी। जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है — खासकर अगर राजनीतिक कड़ियों के सबूत मिले।

ED सूत्रों के अनुसार ₹600 करोड़ के वित्तीय ट्रेल की जांच इसे झारखंड के अवैध कोयला व्यापार से जुड़े अब तक के सबसे बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक बनाती है।

📌 मुख्य बात: यह सिर्फ छापेमारी नहीं है — यह एक लंबे समय से चले आ रहे कोयला माफिया नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की शुरुआत है। ₹600 करोड़ का वित्तीय ट्रेल, राजनीतिक लिंक की जांच और अगले चरण में होने वाली गिरफ्तारियां — यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा हो सकता है।

स्रोत: Tribune India · Deccan Herald · News on Air (All India Radio) · Indian PSU · The420.in · PTI — नवंबर 2025 से जुलाई 2026। यह एक विकासशील खबर है।

यह मूल हिंदी लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और सरकारी स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं।

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