विदेशी फंडिंग को लेकर देशभर में आयकर की सर्चिंग,
विदेशी फंडिंग को लेकर देशभर में आयकर की सर्चिंग, जबलपुर, भोपाल और सतना में भी कार्रवाई
विदेशी खातों में भेजी जा रही बड़ी रकम को लेकर आयकर विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने 18 अगस्त को देशभर में एक साथ जांच अभियान शुरू किया, जिसके तहत मध्य प्रदेश के जबलपुर, भोपाल और सतना समेत कई शहरों में कार्रवाई की गई। इस बड़े अभियान के दायरे में सैकड़ों गैर-सरकारी संगठन (NGO) और कई पेशेवर लोग शामिल हैं।
जबलपुर के तीन इलाकों में जांच
जबलपुर में यह कार्रवाई शहर के तीन प्रमुख इलाकों — विजय नगर, मुस्कान सिटी और नेपियर टाउन — तक पहुंची। यहां तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) के दफ्तर और एक कंपनी जांच के दायरे में हैं। आयकर विभाग की टीमें इन जगहों पर पहुंचकर विदेशी धन भेजने से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। विभाग का मकसद यह पता लगाना है कि यह लेनदेन किस असली वजह से हुआ।
देशभर में 394 संस्थाएं जांच के घेरे में
आयकर विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस जांच अभियान में देशभर की करीब 394 संस्थाओं यानी NGO को शामिल किया गया है। इनमें से 117 संस्थाएं ऐसी हैं जो सीमावर्ती राज्यों में स्थित हैं। इसके अलावा 36 प्रोफेशनल्स को भी जांच के दायरे में लिया गया है, जो विदेशी धन के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में शामिल रहे हैं।
कम कारोबार, फिर भी भेजी गई भारी रकम
विभाग की जांच में सामने आया है कि कुछ संस्थाएं नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं और उनका कारोबार भी कागजों में बहुत कम दिख रहा था। इसके बावजूद इन संस्थाओं के जरिए विदेश में भारी रकम भेजी गई। कुछ मामलों में विभाग को यह भी पता चला कि जिस पते पर संस्था पंजीकृत थी, वहां कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। माल ढुलाई, सॉफ्टवेयर सेवाओं और सलाहकार शुल्क जैसे भुगतानों को लेकर भी सवाल उठे हैं।
फॉर्म 15CB बना जांच की एक बड़ी कड़ी
विदेश में पैसा भेजने की प्रक्रिया में फॉर्म 15CB एक अहम दस्तावेज होता है, जिसे चार्टर्ड अकाउंटेंट जारी करते हैं। विभाग ने पाया कि कुछ प्रोफेशनल्स ने बड़ी संख्या में ऐसे फॉर्म जारी किए, जिसके बाद विभाग ने इनकी गहराई से जांच जरूरी समझी। अब यह देखा जा रहा है कि इन फॉर्म को जारी करने से पहले जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी की गई थी या नहीं।
जांच अभी जारी, दो-तीन दिन तक चल सकती है कार्रवाई
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जबलपुर, भोपाल और सतना में चल रही यह कार्रवाई अभी दो से तीन दिन तक जारी रह सकती है। इस दौरान संबंधित दस्तावेज और लेनदेन के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी को भी दोषी घोषित नहीं किया गया है और यह कार्रवाई शुद्ध रूप से जांच के तहत की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।
(यह रिपोर्ट स्थानीय समाचार स्रोतों पर आधारित है।)
