इंडोनेशिया: जंगलों में लगी भीषण आग से आसमान का रंग हुआ नारंगी, जहरीले धुएं की चपेट में आकर 2.80 लाख से अधिक लोग बीमार1 min read
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- नारंगी आसमान का संकट: इंडोनेशिया के बोर्नियो और सुमात्रा क्षेत्रों में जंगलों में लगी भीषण आग के कारण उठा घना जहरीला धुआँ पूरे इलाके में फैल गया है, जिससे आसमान का रंग पूरी तरह नारंगी (Orange Skies) हो गया है।
- स्वास्थ्य आपातकाल: स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में फैली इस खतरनाक धुंध (Haze) की वजह से अब तक 2,80,000 से अधिक लोगों को सांस लेने और श्वसन संबंधी गंभीर समस्याएं (Respiratory Problems) हो चुकी हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव: इस भयंकर प्रदूषण और धुएं का असर केवल इंडोनेशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव सिंगापुर और मलेशिया जैसे पड़ोसी देशों तक भी पहुंच गया है, जिससे दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो गई है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
जकार्ता:
इंडोनेशिया इन दिनों अपने सबसे गंभीर पर्यावरणीय और जलवायु संकटों में से एक से जूझ रहा है। देश के प्रमुख द्वीपों—बोर्नियो और सुमात्रा के जंगलों में लगी बेकाबू आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आग के कारण उठने वाले घने धुएं और राख ने मध्य कालिमान्तान समेत कई क्षेत्रों के आसमान को पूरी तरह से गहरे नारंगी और भूरे रंग में बदल दिया है, जिससे दिन में भी अंधेरे और धुंध जैसा माहौल बना हुआ है।
2.80 लाख से अधिक लोग सांस की बीमारी से पीड़ित
पर्यावरण और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हवा में घुल रहे जहरीले प्रदूषण के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वायु प्रदूषण मानक सूचकांक (ISPU) खतरनाक स्तर को पार कर चुका है, जो सामान्य से कई गुना अधिक है। स्थिति यह है कि अगस्त के मध्य से लेकर अब तक 2,80,000 से अधिक लोग श्वसन तंत्र के संक्रमण, खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है।
पड़ोसी देशों तक फैला धुआँ और अंतरराष्ट्रीय चिंता
एल नीनो (El Nino) से जुड़ी शुष्क मौसमी परिस्थितियों के कारण इस वर्ष वनों में लगने वाली आग की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। हवा के रुख के साथ यह जहरीला धुआँ मलय प्रायद्वीप और सिंगापुर तक जा पहुंचा है, जिससे वहां भी एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रभावित हुआ है। स्थानीय प्रशासन और सरकार आग पर काबू पाने के लिए कृत्रिम बारिश और अन्य आपातकालीन उपायों पर विचार कर रही है, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में मास्क और दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।
(सोर्स: अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, स्वास्थ्य मंत्रालय इंडोनेशिया और एनवायरनमेंटल अपडेट्स)
(डिस्क्लेमर: यह खबर वैश्विक पर्यावरण रिपोर्टों और प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।)
