महाराष्ट्र: मुंबई पुलिस ने CJP को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली की दी अनुमति, वहीं अभिनेता इमरान खान ने FRRO नोटिस के खिलाफ खटखटाया बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा1 min read
राष्ट्रीय एवं मनोरंजन ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- रैली की अनुमति: हालिया राजनीतिक और चुनावी नियमों से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के माहौल के बीच मुंबई पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को आज़ाद मैदान में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने की औपचारिक अनुमति दे दी है।
- इमरान खान की कानूनी लड़ाई: दूसरी ओर, अभिनेता इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद, उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है।
- सुरक्षा और प्रशासनिक हलचल: इन दोनों बड़ी घटनाओं के चलते मुंबई में राजनीतिक और कानूनी हलचल काफी तेज हो गई है, जिस पर पुलिस-प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
मुंबई:
महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से आज प्रशासन, राजनीति और मनोरंजन जगत से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ जहां पुलिस ने राजनीतिक और चुनावी नियमों के बीच एक राजनीतिक दल को प्रदर्शन की अनुमति दी है, वहीं दूसरी तरफ एक अभिनेता के कानूनी विवाद ने तूल पकड़ लिया है।
CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को हरी झंडी
हाल के दिनों में चुनावी नियमों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर राज्य में सुगबुगाहट तेज है। इसी बीच, मुंबई पुलिस ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को शहर के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने की इजाजत दे दी है। इस रैली के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
FRRO नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे अभिनेता इमरान खान
दूसरी अहम घटना में, अभिनेता इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की तरफ से भारत छोड़ने का एक आधिकारिक नोटिस मिला था। इस नोटिस के खिलाफ अभिनेता ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। हाई कोर्ट में इस मामले पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है, जिस पर फिल्म इंडस्ट्री और कानूनी गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं।
(सोर्स: मुंबई पुलिस प्रशासन, अदालत के कानूनी दस्तावेज और मीडिया रिपोर्ट्स)
(डिस्क्लेमर: यह खबर प्रशासनिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।)
