राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: 23 अक्टूबर से चार चरणों में होगा मतदान, राजनीतिक सरगर्मी तेज1 min read
राजनीतिक ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- चार चरणों में चुनाव: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में 23 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 के बीच आयोजित किए जाएंगे।
- परिसीमन के बाद विस्तार: पुनर्गठन और परिसीमन के बाद इस बार राज्य में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान होगा।
- राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: सत्ताधारी दल (BJP) और मुख्य विपक्षी दल (Congress) दोनों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी कर दी हैं, साथ ही प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है।
विस्टृत समाचार (Detailed News):
जयपुर:
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही चुनावी रण सज गया है। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में इस बार कुल 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं, जिसमें 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चार चरणों का मतदान कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदान चार चरणों में तय किया गया है:
- प्रथम चरण: 23 अक्टूबर (जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य) और 25 अक्टूबर (पंच/सरपंच)।
- अन्य चरण: इसी प्रकार आगे के चरणों के तहत 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए तथा 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को पंच व सरपंच पदों के लिए मतदान होगा।
- परिणाम: जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के चुनाव परिणाम 20 नवंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे, जबकि पंच व सरपंच के परिणाम मतदान के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही जारी कर दिए जाएंगे।
प्रत्याशियों की घोषणा और सियासी घमासान
जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने मजबूत उम्मीदवारों की सूचियां मैदान में उतार दी हैं। टिकट बंटवारे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने जनसंपर्क और चुनावी सभाएं तेज कर दी हैं। हालांकि, इस बीच विपक्षी नेताओं ने सत्ताधारी पार्टी पर सरकारी मशीनरी और पुलिस के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा किया है।
(सोर्स: राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) राजस्थान, द हिंदू और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स)
(डिस्क्लेमर: यह खबर आधिकारिक घोषणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। चुनाव से जुड़ी सटीक और अंतिम जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल की जाँच अवश्य करें।)
