सिद्धार्थनगर: बढ़नी के रोमन देई ग्राम पंचायत में विकास कार्यों, आवास योजना और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट, सामने आए कई अहम तथ्य1 min read
सिद्धार्थनगर | 21 अक्टूबर 2026
सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत रोमन देई ग्राम पंचायत में आवास योजना, सफाई व्यवस्था, बीबीजी राम जी के कार्य और नाली निर्माण को लेकर बने संशय पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। ग्राम प्रधान, पंचायत के अन्य गांवों के निवासियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आई है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
बीबीजी राम जी के कार्य का सच: अत्यधिक गंदगी के कारण आगे का कार्य जेसीबी से कराया गया, जबकि पीछे का कार्य मजदूरों द्वारा किया गया; साक्ष्य अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए गए।
आवास योजना में 75 की सूची घटकर 14 हुई: प्रधान द्वारा 75 पात्रों की सूची भेजी गई थी, जिसे विभागीय सर्वे में अधिकारियों ने काटकर 14 कर दिया।
सफाई व्यवस्था पर सवाल: 6 महीने से अनुपस्थित सफाई कर्मी की शिकायत के बाद रोस्टर में केवल फोटो खींचकर खानापूर्ति करने का आरोप।
नाली निर्माण में रुकावट: कुछ स्थानीय लोगों द्वारा निर्माण कार्य न होने देने से जल निकासी की समस्या बनी हुई है।
अन्य गांवों की सहमति: पंचायत के अन्य गांवों के निवासियों ने माना कि प्रधान द्वारा विकास कार्य सही ढंग से कराए जा रहे हैं।
1. बीबीजी राम जी के कार्य पर स्पष्टीकरण (जेसीबी और मजदूरों का साक्ष्य)
बीबीजी राम जी के स्थान पर चल रहे कार्य को लेकर उठाए गए सवालों पर स्थिति पूरी तरह साफ की गई है। अधिकारियों के समक्ष डिजिटल सबूत प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि कार्य स्थल के आगे अत्यधिक गंदगी होने के कारण वहां मजबूरी में जेसीबी (JCB) से सफाई और काम कराया गया था, जबकि पीछे का कार्य मजदूरों द्वारा ही पूरा कराया गया है। इसके सभी साक्ष्य (वीडियो/फोटो) उपलब्ध हैं।
2. आवास योजना: 75 में से अधिकारियों ने काटे 61 नाम
आवास न मिलने को लेकर कुछ ग्रामीणों द्वारा जताई जा रही नाराजगी पर जब ग्राम प्रधान से बात की गई, तो उन्होंने डिजिटल दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखा।
ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत सबूतों के अनुसार, उन्होंने पंचायत स्तर से लगभग 75 पात्र परिवारों की सूची तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी थी। लेकिन विभिन्न चरणों में विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के दौरान कटौती करते हुए सूची को महज कुछ लोगों तक सीमित कर दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि पात्रों के नाम कटने में प्रधान की कोई भूमिका नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई प्रशासनिक सर्वे के तहत हुई है।
3. सफाई व्यवस्था और एडीओ पंचायत रोस्टर पर विवाद
गांव की सफाई व्यवस्था पर ग्राम प्रधान ने बताया कि पिछले 6 महीनों से सफाई कर्मी पंचायत में नहीं आ रहा था, जिसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद एडीओ पंचायत द्वारा सफाई का रोस्टर जारी किया गया।
प्रधान जी का आरोप है कि कागजों पर सफाई कार्य को उनकी मौजूदगी में होना दिखाया गया, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं था। प्रधान ने पुनः स्मृति पत्र (Reminder) भेजकर अधिकारियों को अवगत कराया कि उनकी अनुपस्थिति में केवल फोटो खींचकर खानापूर्ति की गई और धरातल पर सफाई का काम नहीं हुआ।
4. नाली निर्माण विवाद और अन्य गांवों का पक्ष
रोमन देई ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों के निवासियों से भी इस विषय पर बात की गई:
नाली विवाद: नाली का निर्माण न हो पाने का मुख्य कारण कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध है। वे लोग नाली बनने ही नहीं दे रहे हैं, जिससे जल निकासी की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों की राय: ग्राम पंचायत के दूसरे गांवों के निवासियों का कहना है कि प्रधान जी द्वारा कार्य सही ढंग से कराया जा रहा है और काम ठीक-ठाक गति से चल रहा है।
निष्कर्ष
उपलब्ध वीडियो क्लिप्स, डिजिटल साक्ष्यों और धरातली बातचीत से यह स्पष्ट है कि बीबीजी राम जी के कार्य, आवास योजना में नाम कटने और सफाई रोस्टर जैसे मामलों में सच्चाई सामने आ चुकी है। प्रशासनिक सर्वे, विभागीय ढिलाई और स्थानीय अड़चनों के बावजूद पंचायत स्तर पर समाधान और विकास के प्रयास जारी हैं।
संपादकीय टिप्पणी: खबर में ग्राम पंचायत के तीनों प्रमुख पहलुओं—प्रधान का पक्ष, अन्य ग्रामीणों की राय और आधिकारिक स्थिति—को शामिल किया गया है।
