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झारखंड छात्र आंदोलन: 9 दिन की भूख हड़ताल के बाद देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती, विधानसभा के बाहर पुलिस की दोबारा लाठीचार्ज — महिलाओं पर भी लाठियां

झारखंड छात्र आंदोलन: 9 दिन की भूख हड़ताल के बाद देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती, विधानसभा के बाहर पुलिस की दोबारा लाठीचार्ज — महिलाओं पर भी लाठियां

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर 17 दिनों से सत्याग्रह कर रहे छात्रों पर ‘विधानसभा मार्च’ के दौरान पुलिस का बल प्रयोग। महतो की हालत गंभीर, ब्लड शुगर में भारी गिरावट। BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया।

JKLM · JSSU · JPSC-JSSC सुधार · रांची सदर अस्पताल · 10 अगस्त 2026

गंभीर

17+9 दिन

11 अगस्त

🚨 ताज़ा अपडेट: देवेंद्र नाथ महतो के सहयोगी पंकज कुमार ने आरोप लगाया कि विधानसभा के पास पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान वे घायल हुए। डॉक्टरों के अनुसार ब्लड शुगर में भारी गिरावट के बाद उनकी हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।

10 अगस्त को क्या हुआ — पूरी घटना

सोमवार 10 अगस्त 2026 को झारखंड के हज़ारों नौकरी अभ्यर्थियों ने “विधानसभा मार्च” के तहत रांची में झारखंड विधानसभा की ओर कूच किया। ये सभी छात्र JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो — जो पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर थे — इस मार्च में शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा के पास लगे बैरिकेड तोड़ दिए। इसके जवाब में पुलिस ने पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हुए।

“हम पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह पर हैं और 9 दिनों से भूख हड़ताल पर। पुलिस ने मुझ जैसे भूखे इंसान को भी धक्का दिया और जबरदस्ती एम्बुलेंस में डाल दिया।” — देवेंद्र नाथ महतो, छात्र नेता

महतो की हालत गंभीर — अस्पताल में भर्ती

देवेंद्र नाथ महतो को उनकी हालत बिगड़ने के बाद रांची सदर अस्पताल ले जाया गया। महतो के सहयोगी पंकज कुमार ने आरोप लगाया कि झारखंड विधानसभा के पास पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान वे घायल हुए थे। डॉक्टरों के अनुसार लगातार भूख हड़ताल के कारण उनके ब्लड शुगर में भारी गिरावट के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई।

रांची सदर अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर नैंसी प्रिया ने PTI को बताया — “उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है।”

महिला प्रदर्शनकारियों पर भी लाठियां — गंभीर आरोप

इस घटना का सबसे विवादास्पद पहलू यह है कि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर भी लाठियां बरसाईं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा:

“पुरुष पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं पर लाठियां बरसाईं। उन्हें शर्म आनी चाहिए। अगर महिला पुलिसकर्मी मौजूद होतीं तो बात कुछ और होती… हम शांतिपूर्वक बैठे प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी पुलिस ने हमारे साथ क्रूरता की। उन्होंने महिलाओं पर लाठीचार्ज किया, उनके कपड़े फाड़े…” — एक प्रदर्शनकारी छात्रा

दृश्यों में सुरक्षाकर्मियों को एक महिला प्रदर्शनकारी को घसीटते हुए और ‘विधान सभा मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए दिखाया गया।

छात्र नेताओं का सरकार पर तीखा हमला

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:

“सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके उलट, प्रशासन हमें यहां से (विधानसभा से) हटाने की कोशिश कर रहा है। यह कैसा लोकतंत्र है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तानाशाह मत बनिए। युवाओं ने ही आपको सत्ता में पहुंचाया है, और वे ही आपको सत्ता से हटाएंगे भी। हम यहां एक प्रतिबद्धता बनाने आए हैं। हमने क्या किया है? हमने CBI जांच की मांग की है। और अब आप लाठियों से जवाब दे रहे हैं? यह नहीं चलेगा। यह लोकतंत्र है, और लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार के दावों की आज पोल खुल गई है। SP ने हमें शांति से बैठने को कहा था, लेकिन अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों ने पूरे दिन कुछ नहीं खाया है। वे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। क्या आप उन पर लाठियां चलाएंगे?” — रवींद्र पासवान, छात्र नेता

एक अन्य घायल प्रदर्शनकारी संजय महतो ने कहा — “मेरे सिर और पैरों में दर्द हो रहा है, और मेरे सिर से खून बह रहा है।”

आखिर छात्र किस बात का विरोध कर रहे हैं?

प्रदर्शनकारी लंबे समय से JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें हैं:

❶ विवादित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना
❷ CBI या न्यायिक पैनल से स्वतंत्र जांच
❸ JPSC-JSSC में संरचनात्मक सुधार
❹ भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता
❺ पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही

देवेंद्र नाथ महतो झारखंड कोऑर्डिनेशन लीडर मंच (JKLM) और झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन (JSSU) से जुड़े एक प्रमुख छात्र नेता हैं। वे वर्षों से झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में सुधार और स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों के मुद्दे पर सक्रिय हैं। दिसंबर 2024 में भी उन्हें एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था।

BJP ने किया 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान

पुलिस के लाठीचार्ज के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार शाम को 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान कर दिया। BJP ने इसे छात्रों पर पुलिस की “बर्बर कार्रवाई” करार दिया और हेमंत सोरेन सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।

यह पहली बार नहीं — झारखंड में भर्ती परीक्षा विवादों का इतिहास

झारखंड में छात्रों और सरकार के बीच भर्ती परीक्षाओं को लेकर टकराव नया नहीं है। दिसंबर 2024 में भी JSSC की Combined Graduate Level (CGL) परीक्षा के दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान गड़बड़ियों के आरोप में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था, और उसी समय भी देवेंद्र नाथ महतो को हिरासत में लिया गया था।

इससे पहले मार्च 2023 में भी हज़ारों युवाओं ने JSSC की भर्ती नीति में बदलाव के खिलाफ विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की थी, जिस पर पुलिस ने लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। तब मांग थी कि झारखंड की सभी सरकारी नौकरियां स्थानीय उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हों।

घटनाक्रम — पूरी टाइमलाइन

🚶 दोपहर — हज़ारों छात्रों का ‘विधानसभा मार्च’ रांची में शुरू
🚧 दोपहर बाद — कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े
💧 शाम — पुलिस ने पानी की बौछारें, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया
🩸 4:13 PM — संजय महतो सहित कई प्रदर्शनकारी घायल
🚑 शाम — देवेंद्र नाथ महतो की हालत बिगड़ी, सदर अस्पताल भेजा गया
🗣️ 7:26 PM — महतो का बयान — “भूखे को भी धक्का दिया, जबरन एम्बुलेंस में डाला”
👊 7:30 PM — रवींद्र पासवान का CM हेमंत सोरेन पर तीखा हमला
📹 7:53 PM — महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के गंभीर आरोप
🎥 8:07 PM — सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिला प्रदर्शनकारी को घसीटते वीडियो सामने आए
🏥 रात — डॉक्टरों ने महतो की हालत “गंभीर” बताई, ब्लड शुगर में भारी गिरावट
📢 रात — BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया

📌 मुख्य सवाल: क्या यह वाकई शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अत्यधिक बल प्रयोग था — या बैरिकेड तोड़ने पर एक ज़रूरी कार्रवाई? दोनों पक्षों की बातें सामने हैं। लेकिन महतो की गंभीर हालत और महिलाओं पर लाठीचार्ज के आरोपों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और गर्मा दिया है। 11 अगस्त का झारखंड बंद इसका अगला बड़ा घटनाक्रम होगा।

स्रोत: The Hindu · The Week · India TV News (Arushi Jaiswal) · PTI · Deccan Herald — 10 अगस्त 2026। यह एक विकासशील खबर है।

यह मूल हिंदी लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सभी पक्षों की बातें निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत की गई हैं।

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