फर्जी दवा माफिया पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार — 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर की छापेमारी, फर्जी बिलिंग का पर्दाफाश
🔴 बड़ी खबर · आगरा, उत्तर प्रदेश
फर्जी दवा माफिया पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार — 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर की छापेमारी, फर्जी बिलिंग का पर्दाफाश
फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA), उत्तर प्रदेश · कंबूटोला, मुबारक महल व अन्य क्षेत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत आगरा में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। FSDA की 15 सदस्यीय टीम ने एक साथ शहर के छह इलाकों में छापेमारी कर 13 फर्मों और मेडिकल गोदामों में फर्जी बिलिंग व अवैध बिक्री का भंडाफोड़ किया।
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15 इंस्पेक्टर
आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के
नेतृत्व में गठित टीम |
13 फर्में
एक साथ छह इलाकों में
छापेमारी का निशाना |
2 फर्में सील
मोहन ट्रेडर्स व मनी मेडिकल
पूरी तरह सील |
क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने आगरा के कंबूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट, कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की।
इस दौरान कुल 13 फर्मों पर छापे मारे गए, जिनमें मोहन ट्रेडर्स (कंबूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कंबूटोला), प्रशांत मेडिकल (कंबूटोला), पोरवाल मेडिकेयर (शू मार्केट), AP फार्मा, HMG ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कंबूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), RDM फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कंबूटोला) और नूर फार्मा (कंबूटोला) शामिल हैं।
“नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी फर्म गड़बड़ी में लिप्त पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा।”
— डॉ. रोशन जैकब, आयुक्त, FSDA उत्तर प्रदेश
किन फर्मों पर हुई सबसे सख्त कार्रवाई?
कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित नीलकंठ और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) की धारा 22(1)(d) के तहत प्रतिबंध लगाए गए। जांच के दौरान इन फर्मों में स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी, फर्जी बिलिंग और बिना उचित दस्तावेजों के दवाओं की बिक्री जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
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🚨 पाई गई गड़बड़ियां
❌ फर्जी बिलिंग के जरिए दवाओं की खरीद-बिक्री ❌ बिना वैध दस्तावेजों के दवा भंडारण ❌ स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर के संकेत ❌ अवैध रूप से दवाओं की बिक्री |
✅ प्रशासन की कार्रवाई
✅ 2 फर्में (मोहन ट्रेडर्स, मनी मेडिकल) पूरी तरह सील ✅ 2 फर्मों पर धारा 22(1)(d) के तहत प्रतिबंध ✅ शेष फर्मों के दस्तावेजों की गहन जांच जारी ✅ छह इलाकों में एक साथ समन्वित छापेमारी |
आगरा में नकली दवा माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई
आगरा बीते कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इससे पहले भी शहर में कई बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं, जिनमें रुड़की की एक अवैध फैक्ट्री से जुड़ी नकली दवाओं की सप्लाई, फिजिशियन सैंपल की तस्करी और डिजिटल सबूतों के आधार पर सैकड़ों करोड़ रुपये के नेटवर्क का खुलासा शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार आगरा की फव्वारा मेडिसिन मार्केट और आसपास के इलाके राज्यभर में दवाओं की थोक आपूर्ति के प्रमुख केंद्र हैं, यही वजह है कि नकली दवा नेटवर्क भी बार-बार यहीं सक्रिय पाया गया है।
घटनाक्रम
📅 समयरेखा
📋 पूर्व में — CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्यव्यापी नकली दवा विरोधी अभियान शुरू
👥 हाल ही में — आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 सदस्यीय विशेष टीम गठित
🏙️ छापेमारी वाले दिन — कंबूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट, कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट व कोतवाली में एक साथ कार्रवाई
🔒 उसी दिन — मोहन ट्रेडर्स व मनी मेडिकल सील, 2 फर्मों पर धारा 22(1)(d) के तहत प्रतिबंध
🔍 अब — शेष फर्मों के रिकॉर्ड की गहन जांच जारी
📌 मुख्य बात: उत्तर प्रदेश सरकार के नकली दवा विरोधी अभियान के तहत FSDA की 15 सदस्यीय टीम ने आगरा के छह इलाकों में एक साथ छापेमारी कर 13 फर्मों में फर्जी बिलिंग और अवैध बिक्री का पर्दाफाश किया। इनमें से दो फर्मों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि दो अन्य पर कानूनी प्रतिबंध लगाए गए। शेष फर्मों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।
स्रोत: NewsX (Press Release) · फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश।
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।
