सोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर SCBA का प्रस्ताव — सरकार की चुप्पी पर जताया अफसोस, समर्थन में उतरा एग्जीक्यूटिव कमेटी
🔴 बड़ी खबर · नई दिल्ली · जुलाई 2026
सोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर SCBA का प्रस्ताव — सरकार की चुप्पी पर जताया अफसोस, समर्थन में उतरा एग्जीक्यूटिव कमेटी
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन · परीक्षा सुधार आंदोलन · 16 जुलाई 2026
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की कार्यकारी समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही समिति ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर उनकी चिंताओं से सहमति जताते हुए सुधारों के लिए कानूनी व शोध सहायता देने की बात कही है।
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16 जुलाई
SCBA कार्यकारी समिति ने
प्रस्ताव पारित किया |
आमरण अनशन
सोनम वांगचुक का
NEET परीक्षा सुधार को लेकर विरोध |
समर्थन का भरोसा
कानूनी व शोध सहायता
देने का प्रस्ताव |
क्या है पूरा मामला?
16 जुलाई को पारित प्रस्ताव में SCBA की कार्यकारी समिति ने कहा कि वह इस बात से गहराई से चिंतित है कि सोनम वांगचुक ने देश के बच्चों के भविष्य के लिए अपनी सेहत और जान को जोखिम में डाला है। समिति ने NEET परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और देश की व्यापक भलाई की ओर राष्ट्रीय ध्यान खींचने के उनके प्रयास को स्वीकार किया।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि अनुशासन, नवाचार और सामुदायिक भागीदारी के जरिए वांगचुक के लंबे समय के काम ने अनगिनत लोगों का जीवन बदला है। समिति ने अफसोस जताया कि शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के लिए एक इतने प्रतिष्ठित व्यक्ति के इस तरह के कठोर कदम उठाने के बावजूद, संस्थागत स्तर पर इस पर उतनी तत्परता और संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया नहीं दी गई जितनी अपेक्षित थी।
“भारत को उनकी जान जोखिम में डालने की नहीं, बल्कि उनके जीवित, सक्रिय और नेतृत्व करने में सक्षम बने रहने की जरूरत है।”
— SCBA कार्यकारी समिति का प्रस्ताव, 16 जुलाई 2026
SCBA ने क्या पेशकश की?
प्रस्ताव में कहा गया कि SCBA अपने अधिकार क्षेत्र के दायरे में, शिक्षा के अवसर तय करने वाली प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों को उचित कानूनी और शोध सहायता प्रदान करेगा। साथ ही संस्थागत अखंडता मजबूत करने वाले सुधारों की वकालत करने और सतत सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने का भी संकल्प लिया गया।
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🚨 समिति की चिंताएं
❌ लाखों युवाओं को प्रभावित करने वाली प्रणालीगत विफलताएं ❌ सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही का क्षरण ❌ अनशन के बावजूद सरकार की ओर से ठोस प्रतिक्रिया की कमी ❌ वांगचुक की सेहत और जान को लेकर गहरी चिंता |
✅ SCBA का संकल्प
✅ पारदर्शिता व जवाबदेही की पहलों को कानूनी-शोध सहायता ✅ संस्थागत अखंडता बढ़ाने वाले सुधारों की वकालत ✅ संवैधानिक नैतिकता के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि ✅ वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील |
घटनाक्रम — कैसे बढ़ा समर्थन
📅 समयरेखा
🍽️ पहले — सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया
⚖️ पूर्व में — वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की
⚖️ पूर्व में — SCBA अध्यक्ष विकास सिंह ने भी अनशन समाप्त करने का आग्रह किया
📜 16 जुलाई 2026 — SCBA कार्यकारी समिति ने औपचारिक प्रस्ताव पारित कर समर्थन जताया
अन्य वकीलों की प्रतिक्रिया
इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और SCBA अध्यक्ष विकास सिंह भी सार्वजनिक रूप से वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील कर चुके हैं। दोनों ने अलग-अलग बयानों में कहा था कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए उनका जीवित और सक्रिय रहना ज्यादा जरूरी है।
📌 मुख्य बात: SCBA की कार्यकारी समिति ने सोनम वांगचुक के परीक्षा सुधार आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए सरकार की चुप्पी पर अफसोस जताया है और उन्हें अनशन समाप्त करने की अपील की है। समिति ने पारदर्शिता व जवाबदेही से जुड़ी पहलों को कानूनी-शोध सहायता देने का संकल्प भी लिया है।
स्रोत: LiveLaw · ANI · LawBeat · NewKerala · 16 जुलाई 2026।
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।
