गोरखपुर: ‘भारत सरकार’ लिखी कार से आए युवकों ने पेट्रोल पंप पर की ठगी, 2000 रुपये का डीजल डलवाकर फरार1 min read
क्राइम ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- ठगी की अनोखी वारदात: गोरखपुर में ‘भारत सरकार’ (Bharat Sarkar) का मोनोग्राम और स्टिकर लगी एक कार से आए चार युवकों ने पेट्रोल पंप पर चालाकी दिखाते हुए भुगतान किए बिना ही रफूचक्कर हो गए।
- डीजल डलवाकर भागे: आरोपियों ने गाड़ी में 2,000 रुपये का डीजल डलवाया और बिल चुकाने के बहाने या बिना पैसे दिए अचानक गाड़ी भगा ले गए।
- पुलिस की तलाश: पेट्रोल पंप कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से ठगी और प्रशासनिक रुआब के दुरुपयोग का एक अनोखा मामला सामने आया है। शहर के एक व्यस्त पेट्रोल पंप पर वीआईपी (VIP) होने का दिखावा कर चार युवकों ने गाड़ी में डीजल भरवाया और पैसे दिए बिना ही मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है और गाड़ी के नंबर तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जालसाजों की तलाश की जा रही है।
क्या है पूरी घटना?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शहर के एक प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप की है। देर रात एक लग्जरी कार पंप पर आकर रुकी। कार की विंडशील्ड और नंबर प्लेट के पास ‘भारत सरकार’ (Government of India) लिखा हुआ था, जिससे कर्मचारियों को लगा कि यह किसी सरकारी अधिकारी या महकमे की गाड़ी है। कार में सवार चार युवकों ने सेल्समैन से गाड़ी की टंकी फुल करने को कहा और कुल 2,000 रुपये का डीजल डलवाया।
जब सेल्समैन ने डीजल डालने के बाद भुगतान (Payment) की मांग की, तो युवकों ने ऑनलाइन पेमेंट या स्कैनर काम न करने का बहाना बनाया। इससे पहले कि कर्मचारी कुछ समझ पाता, चालक ने गाड़ी तेज गति से आगे बढ़ा दी और पंप से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाश रही पुलिस
घटना के तुरंत बाद पेट्रोल पंप के मैनेजर ने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। फुटेज में कार पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि गाड़ी पर लगा वह मोनोग्राम या तो फर्जी था या किसी पुराने पास का दुरुपयोग किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान कर ली गई है, और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
(सोर्स: स्थानीय पुलिस प्रशासन, मीडिया रिपोर्ट्स और पेट्रोल पंप प्रबंधक के बयान)
(डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस-प्रशासनिक बयानों और प्रारंभिक रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। इस मामले में पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे के तथ्य सामने आएंगे।)
