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खेसरहा और ढेबरुआ फीडर के हज़ारों उपभोक्ता परेशान, रात में मनमानी कटौती से बच्चों की पढ़ाई बाधित

18 घंटे बिजली का वादा — ज़मीन पर सिर्फ 10-12 घंटे! खेसरहा और ढेबरुआ फीडर के हज़ारों उपभोक्ता परेशान, रात में मनमानी कटौती से बच्चों की पढ़ाई बाधित

नियम कहता है ग्रामीण क्षेत्रों में रोज 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए — लेकिन सिद्धार्थनगर के खेसरहा ब्लॉक से लेकर बढ़नी ब्लॉक के ढेबरुआ फीडर तक, चार दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में हज़ारों उपभोक्ता रात की मनमानी कटौती से परेशान हैं।

World Eye Bharat News · खेसरहा ब्लॉक · ढेबरुआ पावर हाउस · PVVNL · जुलाई 2026

18 घंटे

4 दर्जन+

रात 12-2

🌡️ बरसात का मौसम + उमस + रात में 5 घंटे अंधेरा — सिद्धार्थनगर के हजारों परिवार इस दोहरी मार से बेहाल हैं। बच्चों की पढ़ाई चौपट, किसानों की सिंचाई ठप, घरेलू काम बाधित। जेई ने खुद माना — “उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रोस्टरिंग हो रही है।”

खेसरहा ब्लॉक: नियम और ज़मीनी हकीकत में ज़मीन-आसमान का फर्क

उत्तर प्रदेश सरकार का नियम स्पष्ट है — ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम 18 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। लेकिन सिद्धार्थनगर के खेसरहा ब्लॉक में यह नियम सिर्फ कागज़ों पर ही रह गया है। ज़मीन पर उपभोक्ताओं को 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है — वह भी बेतरतीब ढंग से।

भीषण गर्मी और उमस भरे बरसाती मौसम में स्थिति और भी बदतर हो गई है। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन में तो किसी तरह बिजली आती-जाती रहती है, लेकिन जैसे ही रात होती है — बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है। रात में 5-7 घंटे तक बिजली गायब रहती है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कटौती की कोई पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती। एक निवासी ने आरोप लगाया — “रात 10 से 2 बजे के बीच बिजलीकर्मी मनमर्जी से कटौती कर देते हैं, और उपभोक्ताओं के WhatsApp ग्रुप पर इसकी सूचना तक नहीं दी जाती।”

ढेबरुआ पावर हाउस: चार दर्जन पंचायतें अंधेरे में

बढ़नी ब्लॉक के ढेबरुआ पावर हाउस से लगभग चार दर्जन ग्राम पंचायतों के हज़ारों उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। इस फीडर के उपभोक्ता भी रात्रिकालीन कटौती से बुरी तरह परेशान हैं।

स्थानीय उपभोक्ता शिवकुमार, राहुल शुक्ल, रामदेव अग्रहरि, किशोरी लाल, हफीजुर्रहमान और अन्य ने बताया कि दिन में तो बिजली ठीक-ठाक आती है, लेकिन जैसे ही रात शुरू होती है — बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है। रोस्टरिंग के नाम पर रात में पांच-पांच घंटे की कटौती ने परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

“1 जुलाई से बिजलीकर्मी मनमर्जी से रात 7 बजे से 2 बजे के बीच बिजली काट रहे हैं।” — राजन दुबे, निवासी सुगही गांव

उपभोक्ताओं की आवाज़ — किसने क्या कहा

विनोद शर्मा, मुनव्वर हुसैन, संजय चौधरी और कुलदीप पांडेय (भारतभारी क्षेत्र) ने बताया कि पहले दिन में कई-कई घंटे बिजली गायब रहती थी, जिससे खेती और सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हुई। अब रात की कटौती ने घरेलू काम भी बाधित कर दिया।

प्रमोद श्रीवास्तव (लोहरौली निवासी) के अनुसार ओवरलोडिंग की वजह से लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आम हो गई है। इससे घरेलू उपकरण खराब होने का खतरा भी बना रहता है।

रात 7 से 12 बजे की मनमानी कटौती का सबसे बुरा असर उन बच्चों पर पड़ रहा है जो रात में पढ़ाई करते हैं। बरसात में उमस पहले से ही है — ऊपर से अंधेरा। परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं।

भीषण गर्मी में नगर क्षेत्र में 7-8 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 10-12 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें आस-पास के इलाकों से भी आ रही हैं। समस्या सिर्फ एक गांव या फीडर की नहीं है।

जेई ने खुद माना — “उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रोस्टरिंग”

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ढेबरुआ के जूनियर इंजीनियर (JE) सत्येंद्र कुमार ने खुद इस कटौती को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह कटौती “उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रोस्टरिंग” के तहत की जा रही है।

यानी यह कोई तकनीकी खराबी नहीं है — यह एक जानबूझकर की जाने वाली कटौती है, जो रात के समय की जा रही है जब लोग सोते हैं या अपने काम में होते हैं। उपभोक्ताओं का सवाल है <\p>

“18 घंटे बिजली देने का वादा सिर्फ कागज़ों पर है — ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।” — स्थानीय उपभोक्ता, ढेबरुआ फीडर

शिकायत कैसे करें? — पूरी जानकारी

📞 UPPCL टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1912 या 1800-180-0440 पर शिकायत दर्ज कराएं
🌐 ऑनलाइन शिकायत: UPPCL की वेबसाइट uppcl.org या “UPPCL Consumer App” पर शिकायत डालें — इससे रिकॉर्ड में रहती है
📝 लिखित शिकायत: स्थानीय SDO/JE को लिखित में दें। सामूहिक शिकायत का असर ज़्यादा होता है
📍 ज़िला शिकायत नंबर (केवल सिद्धार्थनगर): 05544-297203
📱 World Eye Bharat News से संपर्क: +91 9005957228 — अपनी समस्या भेजें, आवाज़ उठाई जाएगी

शिकायत करते समय ये ज़रूर करें

📸 कटौती का समय नोट करें (तारीख, समय)
🎙️ फोन पर शिकायत की रिकॉर्डिंग बनाएं
📋 लिखित शिकायत की कॉपी अपने पास रखें
👥 गांव के अन्य उपभोक्ताओं के साथ सामूहिक शिकायत करें
📱 WhatsApp ग्रुप में जागरूकता फैलाएं

❌ सिर्फ मौखिक शिकायत पर निर्भर न रहें
❌ शिकायत का रिकॉर्ड न रखना भूल है
❌ अकेले शिकायत से कम असर — मिलकर करें
❌ शिकायत के बाद फॉलो-अप न करना
❌ सोशल मीडिया पर गलत जानकारी न फैलाएं

नियम क्या कहता है — उपभोक्ताओं के अधिकार

उत्तर प्रदेश सरकार और PVVNL (पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) के नियमों के अनुसार:

🏘️ ग्रामीण क्षेत्र: न्यूनतम 18 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति अनिवार्य
🏙️ नगर क्षेत्र: न्यूनतम 20-22 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति
📢 रोस्टरिंग की सूचना: कटौती से पहले WhatsApp/SMS पर सूचना देना अनिवार्य
वोल्टेज मानक: सामान्य वोल्टेज सुनिश्चित करना विभाग की ज़िम्मेदारी
📋 शिकायत निवारण: 24-48 घंटे में शिकायत का समाधान होना चाहिए

📣 World Eye Bharat News की अपील: अगर आप भी सिद्धार्थनगर या आस-पास के किसी क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या से परेशान हैं — तो हमसे संपर्क करें। आपकी आवाज़ हम उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे। इस खबर को अपने WhatsApp ग्रुप में ज़रूर शेयर करें — जितने ज़्यादा लोग जागरूक होंगे, उतना जल्दी समाधान होगा। 📱 +91 9005957228

रिपोर्ट: World Eye Bharat News · खेसरहा ब्लॉक, बढ़नी ब्लॉक, ढेबरुआ पावर हाउस, सिद्धार्थनगर · जुलाई 2026।

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