KGMU के सभी 18 हॉस्टलों की मेस में नॉन-वेज पर रोक — राज्यपाल के निरीक्षण के बाद लिया गया बड़ा फैसला
🔴 बड़ी खबर · लखनऊ · जुलाई 2026
KGMU के सभी 18 हॉस्टलों की मेस में नॉन-वेज पर रोक — राज्यपाल के निरीक्षण के बाद लिया गया बड़ा फैसला
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी · लखनऊ · 14 जुलाई 2026
राजभवन की टीम ने दीक्षांत समारोह से पहले हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें सफाई और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मेस में मांसाहारी भोजन बनाने और परोसने पर तत्काल रोक लगा दी है।
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18 हॉस्टल
सभी छात्रावासों की मेस पर लागू
अब केवल शाकाहारी भोजन |
3 हॉस्टल
निरीक्षण में मिलीं खामियां
अस्वच्छ माहौल में नॉन-वेज तैयार होता मिला |
तत्काल प्रभाव
आदेश लागू, बाहर से मंगाने की छूट
कैंपस में मचा हड़कंप |
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने सोमवार को अपने सभी 18 हॉस्टलों की मेस में तत्काल प्रभाव से नॉन-वेज भोजन पकाने और परोसने पर पूरी तरह रोक लगा दी। यह फैसला यूनिवर्सिटी की चांसलर और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हालिया निरीक्षण के बाद लिया गया।
यूनिवर्सिटी के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि राजभवन सचिवालय की एक टीम ने हाल ही में हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान तीन हॉस्टलों की मेस में अस्वच्छ माहौल में नॉन-वेज खाना तैयार होते हुए पाया गया, और यह भी सामने आया कि कुछ जगहों पर एक्सपायरी डेट खत्म हो चुके मसालों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
“इस लापरवाही को छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए मेस व्यवस्था में तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।”
— दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बयान
फैसला किसने और कैसे लिया?
राज्यपाल की टिप्पणियों के बाद स्टूडेंट वेलफेयर के डीन और चीफ प्रॉक्टर की सहमति से हॉस्टल मेस में नॉन-वेज पर रोक का औपचारिक आदेश जारी किया गया। साथ ही प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता सुधारने, नियमित निगरानी करने और छात्रों को अच्छी गुणवत्ता वाला पनीर सहित बेहतर शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
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🚨 निरीक्षण में मिली खामियां
❌ तीन हॉस्टलों में अस्वच्छ माहौल में नॉन-वेज तैयार होता मिला ❌ कुछ मेस में एक्सपायर हो चुके मसालों का इस्तेमाल ❌ सफाई व्यवस्था पर सवाल ❌ खाद्य गुणवत्ता में लगातार गिरावट की शिकायतें |
✅ नए आदेश के प्रावधान
✅ सभी 18 हॉस्टलों की मेस में अब केवल शाकाहारी भोजन ✅ छात्र बाहर से नॉन-वेज मंगवा सकते हैं या खुद बना सकते हैं ✅ मेस में नियमित निगरानी की व्यवस्था ✅ बेहतर गुणवत्ता का पनीर व अन्य शाकाहारी विकल्प उपलब्ध कराने का निर्देश |
घटनाक्रम — कैसे सामने आया मामला
📅 समयरेखा
🎓 दीक्षांत समारोह — राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधन में निरीक्षण के नतीजे सार्वजनिक किए
🔍 निरीक्षण — राजभवन टीम ने हॉस्टलों का औचक दौरा किया, 3 हॉस्टलों में खामियां मिलीं
📋 निर्देश — राज्यपाल ने सफाई और गुणवत्ता सुधारने के आदेश दिए
🤝 प्रशासनिक फैसला — डीन स्टूडेंट वेलफेयर और चीफ प्रॉक्टर की सहमति से आदेश जारी
🚫 14 जुलाई 2026 — सभी 18 हॉस्टल मेस में नॉन-वेज पर तत्काल रोक लागू
😲 कैंपस में हलचल — अचानक लिए गए फैसले से छात्रों में हैरानी
राज्यपाल की सफाई और अन्य प्रतिक्रियाएं
फैसले पर उठे सवालों के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नॉन-वेज पर सीधे प्रतिबंध लगाने का कोई आदेश नहीं दिया था। उनके अनुसार निरीक्षण के दौरान प्रशासन को केवल साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए थे — रोक लगाने का फैसला यूनिवर्सिटी प्रशासन के स्तर पर लिया गया।
इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि नया आदेश सभी हॉस्टलों तक पहुंचा दिया गया है।
📌 मुख्य बात: राज्यपाल के निरीक्षण में सामने आई सफाई और गुणवत्ता की खामियों के बाद KGMU प्रशासन ने सभी 18 हॉस्टलों की मेस में नॉन-वेज भोजन पर रोक लगा दी है। छात्रों को बाहर से मंगवाने की छूट रहेगी, जबकि मेस में अब बेहतर गुणवत्ता के शाकाहारी भोजन पर जोर दिया जाएगा।
स्रोत: TV9 UP · News Track · Republic Bharat · The India Moves · 14 जुलाई 2026।
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।
