पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में मिले ₹7.40 करोड़ के जाली नोट, 3 मैनेजर सस्पेंड, SIT गठित
🚨 बैंकिंग सेक्टर में महाघोटाला: PNB के करेंसी चेस्ट में मिले 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट, 3 बैंक मैनेजर सस्पेंड, SIT को सौंपी गई जांच
📅 अपडेटेड: सितंबर 01, 2026
⏱️ रीडिंग टाइम: 3.5 मिनट
📌 घोटाले के मुख्य बिंदु (Quick Insights)
- लोकेशन: सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा।
- बड़ी कार्रवाई: आंतरिक ऑडिट में खुलासा होने के बाद 3 बैंक प्रबंधकों (Managers) को तुरंत निलंबित किया गया।
- जांच का जिम्मा: डीआईजी अभिषेक सिंह ने पूरे मामले के पर्दाफाश के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से भारतीय बैंकिंग प्रणाली को हिलाकर रख देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के एक सरकारी बैंक यानी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के मुख्य करेंसी चेस्ट में भारी मात्रा में जाली भारतीय मुद्रा मिलने से वित्तीय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग और पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिए हैं।
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सालाना ऑडिट में खुली पोल: ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी बरामद
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सहारनपुर के व्यस्त सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी (PNB) शाखा का है। बैंक के नियमों के मुताबिक जब करेंसी चेस्ट का रूटीन ऑडिट (Audit) किया गया, तो मिलान के दौरान नोटों की गड्डियों में भारी विसंगति पाई गई। गहनता से जांच करने पर पता चला कि चेस्ट में रखे नोटों में से करीब 7.40 करोड़ रुपये के नोट पूरी तरह से जाली (Fake Currency) थे। इतनी बड़ी रकम का जाली नोट सरकारी बैंक के चेस्ट के अंदर पहुंचना सुरक्षा और नियमों पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
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गाज गिरी: 3 बड़े अधिकारी सस्पेंड, हाउस कीपर भी हटाया गया
ऑडिट रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही पीएनबी हेडक्वार्टर और क्षेत्रीय प्रबंधन ने सख्त रुख अख्तियार किया। आंतरिक जांच में प्राथमिक भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर बैंक प्रबंधन ने तीन मौजूदा बैंक मैनेजरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। इसके अलावा बैंक में कार्यरत पार्ट-टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार को भी उनके सेवा कार्य से तत्काल हटा दिया गया है। बैंक प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस रैकेट में बैंक के अंदरूनी कर्मचारी सीधे तौर पर शामिल थे।
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खोजी विश्लेषण: DIG के निर्देश पर बनी स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT)
बैंक की तरफ से इस वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर आधिकारिक केस दर्ज करा दिया गया है। मामले के अंतरराष्ट्रीय या अंतर्राज्यीय कनेक्शन की आशंका को देखते हुए डीआईजी (DIG) अभिषेक सिंह ने मामले की कमान अपने हाथों में ली है। उन्होंने स्थानीय पुलिस के बेहतरीन अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि बैंक के सबसे सुरक्षित हिस्से ‘करेंसी चेस्ट’ तक इतनी भारी मात्रा में नकली नोट कैसे और किस कूरियर नेटवर्क के जरिए पहुंचाए गए।
बैंकिंग इतिहास में चेस्ट के भीतर से इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद होना सीधे तौर पर नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों से पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना का चेहरा जनता के सामने लाया जाएगा।
