सिद्धार्थनगर: बढ़नी ब्लॉक के मानपुर में VB-G RAM G योजना के तहत कागजों पर चल रहा काम, टूटा हुआ कचरा घर भी बेनकाब1 min read
ग्राउंड जीरो रिपोर्ट | ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’
अपडेटेड: अक्टूबर 2026

मुख्य बातें (Key Highlights):
- VB-G RAM G योजना में फर्जीवाड़ा: ग्राम पंचायत मानपुर में ‘विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन’ (VB-G RAM G) के तहत ‘मानपुर छोटा डीह श्मशान घाट के पास पोखरा खुदाई कार्य’ (वर्क कोड: 3151004022/WH/958486255824011501) में धड़ल्ले से धांधली चल रही है।
- सचिव को सूचना के बावजूद उदासीनता: ग्रामीणों और मीडिया द्वारा पंचायत सचिव को मौके की हकीकत और अनियमितताओं की सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अगले दिन भी मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की जाती रही।
- बदहाल कचरा घर: ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की पड़ताल में सामने आया कि गांव में बना कचरा घर (आरआरसी सेंटर) पूरी तरह टूटा हुआ और बदहाल पड़ा है, जिसमें आज तक एक तिनका भी कचरा नहीं डाला गया है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
बढ़नी (सिद्धार्थनगर):
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मानपुर में सरकारी योजनाओं का मजाक किस हद तक उड़ाया जा रहा है, इसकी बानगी ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत देखकर साफ लगाई जा सकती है। हाल ही में लागू हुई ‘वीबी-जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना और स्वच्छता अभियानों के दावों की पोल यहां खुलकर सामने आ रही है।
छोटे डीह पोखरा खुदाई कार्य में धांधली और सचिव की लापरवाही
ग्रामीण विकास मंत्रालय के पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और NMMS ऐप के जरिए सामने आए साक्ष्यों से पता चलता है कि मानपुर में ‘मानपुर छोटा डीह श्मशान घाट के पास पोखरा खुदाई कार्य’ (MSR संख्या: 3055) के नाम पर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जब इस गंभीर अनियमितता की सूचना स्थानीय स्तर पर पंचायत सचिव को दी गई, तो उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और नतीजा यह हुआ कि उसके अगले दिन भी कागजों और ऑनलाइन पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का खेल जारी रहा। जिम्मेदार अधिकारियों की इस लचर कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
टूटा-फूटा मिला कचरा घर, स्वच्छता के दावे फेल
एक तरफ जहां मनरेगा और वीबी-जी राम जी जैसी योजनाओं में कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गांवों में स्वच्छता की स्थिति बद से बदतर है। ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ की टीम जब मानपुर गांव की जमीनी पड़ताल करने पहुँची, तो वहां बना कचरा संग्रहण केंद्र (कचरा घर) पूरी तरह टूटा-फूटा और खंडहर में तब्दील मिला। हैरानी की बात यह है कि इस कचरा घर का उपयोग आज तक शुरू ही नहीं किया गया है और इसमें एक दिन भी कचरा नहीं डाला गया है। निर्माण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
’वर्ड आई भारत न्यूज़’ की टीम लगातार ग्रामीण क्षेत्रों की इन सच्चाइयों को प्रमुखता से उठाती रही है। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और दोषियों पर कब कार्रवाई होती है।
(सोर्स: ‘वर्ड आई भारत न्यूज़’ ग्राउंड सर्वे, आधिकारिक पोर्टल डेटा और स्थानीय ग्रामीणों के इनपुट्स)
(डिस्क्लेमर: यह खबर मानपुर गांव में की गई सीधी पड़ताल और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है।)


