Tuesday, October 27, 2026
Local NewsNational NewsTop News

136 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद होगी रिलोकेट — कोलकाता एयरपोर्ट की सुरक्षा और विस्तार के लिए लिया गया ऐतिहासिक फैसला1 min read

🛡️ प्रूफ़-चेक: यह खबर/दस्तावेज़ World Eye Bharat Team द्वारा 100% सत्यापित (Verified) है।

🔴 बड़ी खबर · कोलकाता · जुलाई 2026

136 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद होगी रिलोकेट — कोलकाता एयरपोर्ट की सुरक्षा और विस्तार के लिए लिया गया ऐतिहासिक फैसला

दमदम हवाई अड्डे के दूसरे रनवे से मात्र 165 मीटर दूर स्थित यह मस्जिद दशकों से उड्डयन सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इसे बाहर शिफ्ट करने का फैसला किया है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा · AAI · 13 जुलाई 2026

136 साल

मस्जिद की उम्र
1890 में हुई थी निर्माण

165 मीटर

रनवे से दूरी
मानक 240 मीटर होनी चाहिए

सहमति

मस्जिद कमेटी ने माना
बड़ी मस्जिद बनाएगी सरकार

क्या है पूरा मामला?

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (दमदम) के परिसर के अंदर स्थित गौरीपुर जामा मस्जिद — जिसे बांकड़ा मस्जिद भी कहा जाता है — को अब हवाई अड्डे की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। यह मस्जिद 1890 में बनी थी, यानी हवाई अड्डे से भी 34 साल पहले। कोलकाता एयरपोर्ट 1924 में बना था।

यह मस्जिद एयरपोर्ट के दूसरे (छोटे) रनवे से मात्र 165 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन मानकों के अनुसार रनवे से किसी भी संरचना की न्यूनतम दूरी 240 मीटर होनी चाहिए। इस कारण दशकों से यह एयरपोर्ट के विस्तार और सुरक्षा में बाधा बनती रही थी।

“यह मस्जिद सिर्फ मस्जिद के बारे में नहीं है। एयरपोर्ट के पास एक मंदिर भी रिलोकेट किया जाएगा। जब विकास की बात आती है तो कोई समझौता नहीं होगा।” — सौरव सिकदर, उत्तर दम दम से भाजपा विधायक

सुरक्षा की क्या है समस्या?

कोलकाता एयरपोर्ट पर दो रनवे हैं — एक मुख्य (बड़ा) और एक दूसरा (छोटा)। सामान्य परिचालन में मुख्य रनवे का उपयोग होता है। लेकिन जब मुख्य रनवे रखरखाव के कारण बंद रहता है, तो दूसरे रनवे का उपयोग करना पड़ता है। इसी दूसरे रनवे के बेहद करीब यह मस्जिद स्थित है।

🚨 सुरक्षा की चुनौतियां

❌ ILS (Instrument Landing System) लगाना संभव नहीं — कोहरे में लैंडिंग खतरनाक
❌ आपातकालीन लैंडिंग में जोखिम बढ़ता है
❌ बड़े चौड़े विमान पूरे रनवे का उपयोग नहीं कर पाते
❌ टचडाउन पॉइंट 88 मीटर खिसकाना पड़ा
❌ अंतर्राष्ट्रीय मानक (240 मीटर) पूरे नहीं होते

✅ रिलोकेशन के फायदे

✅ आधुनिक ILS सिस्टम लगाया जा सकेगा
✅ कोहरे में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी
✅ बड़े अंतर्राष्ट्रीय विमान पूरा रनवे उपयोग कर सकेंगे
✅ एयरपोर्ट का पूर्ण आधुनिकीकरण होगा
✅ पुराना टर्मिनल भवन भी हटाया जाएगा

अभी तक क्या-क्या हुआ?

📅 घटनाक्रम — ऐतिहासिक से अब तक

🕌 1890 — गौरीपुर जामा मस्जिद (बांकड़ा मस्जिद) का निर्माण
✈️ 1924 — दमदम एयरपोर्ट बना — मस्जिद पहले से मौजूद थी
🚫 1995 — CM ज्योति बसु ने रिलोकेशन प्रस्ताव अस्वीकार किया
🔄 2003 — रनवे दूसरी दिशा में बढ़ाया — मस्जिद को हाथ नहीं लगाया
📋 जून 2026 — CM सुवेंदु अधिकारी ने नबन्ना बैठक में मुद्दा उठाया
🤝 जुलाई 2026 — उत्तर 24 परगना DM कार्यालय में बैठक, मस्जिद कमेटी से सहमति
🚷 11 जुलाई 2026 — मस्जिद में नमाज पर 3 दिन की अस्थायी रोक
🔒 12 जुलाई 2026 — एयरपोर्ट से मस्जिद के लिए एंट्री पास बंद
🏗️ अब — बाहर नई और बड़ी मस्जिद बनाने की तैयारी शुरू

मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों की क्या है राय?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मस्जिद प्रबंधन समिति और नमाजियों ने रिलोकेशन पर सहमति दे दी है। स्थानीय विधायक सौरव सिकदर के अनुसार जो लोग नमाज पढ़ने आते थे, उनमें से अधिकतर ने इस कदम को स्वीकार कर लिया है।

मस्जिद कमेटी ने पहले कहा था कि वे एयरपोर्ट को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते और सुरक्षा में बाधा नहीं बनना चाहते। एयरपोर्ट अधिकारियों ने मस्जिद परिसर के बाहर एक बड़ी और आधुनिक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे कमेटी ने सकारात्मक रूप से लिया।

यह भी उल्लेखनीय है कि सिर्फ मस्जिद ही नहीं, एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के पास स्थित एक मंदिर को भी इसी विस्तार योजना के तहत रिलोकेट किया जाएगा — जो इस फैसले की निष्पक्षता को दर्शाता है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह मुद्दा 30 से अधिक वर्षों से लंबित था। पूर्ववर्ती वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। रिपोर्ट के अनुसार तृणमूल सरकार के दौरान भी AAI ने रनवे विस्तार के लिए बार-बार पत्र लिखे, लेकिन सरकार हर बार एक न एक बहाने से टालती रही।

अब पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार और केंद्र की एनडीए सरकार ने मिलकर इस दीर्घकालीन समस्या का समाधान निकाला है। यह निर्णय तब आया जब एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन को भी इस साल के हज परिचालन की समाप्ति के बाद ध्वस्त किए जाने की योजना है।

📌 मुख्य बात: यह मस्जिद एयरपोर्ट से पुरानी है — यानी पहले मस्जिद थी, बाद में एयरपोर्ट आया। फिर भी उड्डयन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए और मस्जिद कमेटी की सहमति लेकर यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। सरकार बाहर एक बड़ी और बेहतर मस्जिद बनाएगी।

स्रोत: India Daily · Republic World · Organiser · New Kerala · Nedrick News · DNA India · 13 जुलाई 2026।

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया मूल हिंदी आलेख है।

📊 जनता की राय: क्या आप इस खबर/रिपोर्ट में उठाए गए दावों से पूरी तरह सहमत हैं?
सहमति: 50% 🔒 100% गुमनाम वोटिंग (IP ट्रैकिंग मुक्त) कुल वोट: 0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

World Eye Bharat News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.