रांची: जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन, अनशन और सरकार से वार्ता की मांग जारी1 min read
शिक्षा एवं रोजगार ब्यूरो | विशेष रिपोर्ट
अपडेटेड: अक्टूबर 2026
मुख्य बातें (Key Highlights):
- आर-पार की लड़ाई: झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।
- प्रमुख मांगें: जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं को रद्द करने, पूरी व्यवस्था की सीबीआई जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
- तेज होता आंदोलन: प्रदर्शनकारियों द्वारा भूख हड़ताल, पुतला दहन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रदर्शनों से राज्य का सियासी पारा गर्म हो गया है।
विस्तृत समाचार (Detailed News):
रांची:
झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं और अभ्यर्थियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और प्रमुख चौराहों पर पिछले कई हफ्तों से जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं के खिलाफ छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है। हजारों की संख्या मेंजुटए प्रतियोगी छात्र राज्य सरकार के खिलाफ लामबंद होकर उच्चस्तरीय जांच और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
भूख हड़ताल और उग्र प्रदर्शन का दौर
छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आरोप है कि बार-बार होने वाली पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आंदोलन को तेज करते हुए कई छात्र आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे कई युवाओं की तबीयत भी बिगड़ी है जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों द्वारा पुतला दहन और तिरंगा यात्रा जैसे शांतिपूर्ण व आक्रामक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
सरकार और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
छात्रों के इस लंबे और व्यापक आंदोलन के दबाव में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई है। सरकार की ओर से उच्चस्तरीय वार्ता के प्रयास भी किए गए हैं, और कई परीक्षाओं को लेकर समीक्षा बैठकें व कड़े कदम उठाने की बात कही गई है। हालांकि, छात्र सीबीआई जांच (CBI Probe) की मांग और दोषियों पर सख्त कार्रवाई पर अड़े हुए हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे यह मुद्दा झारखंड की राजनीति का केंद्र बन गया है।
(सोर्स: स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स, द हिंदू और पीटीआई से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाएं)
(डिस्क्लेमर: यह खबर मीडिया सोर्सेज और ज़मीनी रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। इस खबर में दिए गए घटनाक्रमों और आंकड़ों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
