सिद्धार्थनगर में हाहाकार: लेखपालों के कार्य बहिष्कार से थमे ऑनलाइन काम; आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट अटकी1 min read
सिद्धार्थनगर
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से आम जनता की परेशानियों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों द्वारा किए जा रहे ऑनलाइन कार्य बहिष्कार के चलते जिले की पांचों तहसीलों में कामकाज कथित रूप से ठप हो गया है। लेखपालों की ओर से डिजिटल और ऑनलाइन रिपोर्ट न लगाए जाने के कारण आय, जाति, मूल निवास और ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाणपत्रों के हजारों आवेदन पेंडिंग हो गए हैं।
इस प्रशासनिक गतिरोध के चलते जरूरी काम पूरा कराने के लिए जिले के सैकड़ों आवेदक और आम नागरिक रोज तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
📍 घटना का मुख्य बिंदु: ऑनलाइन काम पूरी तरह बंद, ऑफलाइन जारी
मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लेखपालों का यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है:
- प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट अटकी: ऑनलाइन कार्य बहिष्कार के कारण नए प्रमाणपत्रों के वेरिफिकेशन और रिपोर्ट से जुड़े काम पूरी तरह रुक गए हैं। इसके अलावा फैमिली आईडी, वरासत, नाम संशोधन और जमीन के बंटवारे जैसे मामलों की ऑनलाइन रिपोर्ट भी पोर्टल पर नहीं लग पा रही है।
- व्हाट्सएप ग्रुप छोड़े: आंदोलन के तहत लेखपालों ने कथित तौर पर प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुपों को भी छोड़ दिया है और वे सरकारी फाइलों पर केवल ऑफलाइन माध्यम से ही काम कर रहे हैं।
- काली पट्टी बांधकर विरोध: रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध जताने के लिए लेखपालों ने समाधान दिवस के दौरान भी अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर काम किया।
⚠️ अनिश्चितकालीन हड़ताल की बड़ी चेतावनी
लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है और उन्होंने सरकार को सख्त चेतावनी दी है:
- संपूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान: खबरों के मुताबिक, यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो लेखपाल संघ ने 17 अक्टूबर से पूरी तरह काम बंद (संपूर्ण कार्य बहिष्कार) करने का दावा किया है।
- 24 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल: संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे राजस्व विभाग की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
🗂️ क्या हैं लेखपालों की मुख्य मांगें?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को अवगत करा रहा है:
- वेतन विसंगतियों को दूर कर 2800 का ग्रेड-पे देना।
- अंतरमंडलीय तबादले (Inter-divisional Transfers) की व्यवस्था करना।
- पदोन्नति (Promotion) और भत्तों में उचित बढ़ोतरी करना।
- ग्राम सचिवालयों में मूलभूत बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना।
(सोर्स: अमर उजाला / दैनिक भास्कर)
(Disclaimer: यह खबर स्थानीय मीडिया सोर्सेज और राजस्व विभाग से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर बनाई गई है। इस खबर में दिए गए तथ्यों और दावों की पुष्टि हमारी वेबसाइट स्वतंत्र रूप से नहीं करती है।)
